भाद्र २३–२४ का आंदोलन राज्य के खिलाफ साजिश, ‘नया’ का दावा करने वालों के बहकावे में न आएँ : ओली

काठमांडू, १९ फरवरी । पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने भाद्र २३ और २४ को ‘जेन–जी आंदोलन’ के नाम पर हुए प्रदर्शनों को राज्य के खिलाफ रची गई साजिश करार दिया है । उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार गठन किए जाने के कारण ही यह आंदोलन खड़ा किया गया । पार्टी की ओर से तैयार चुनावी घोषणापत्र आज सार्वजनिक करते हुए ओली ने यह बात कही ।
अध्यक्ष ओली ने कहा, “हमें यह समझना होगा कि बड़े दलों के साथ आने से कोई दुर्घटना नहीं हुई, बल्कि उनके बीच की एकता को तोड़ने और भंग करने के उद्देश्य से घटनाएं कराई गईं । संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए सरकार गिराने और अस्थिरता का चक्र लगातार चलाने की संभावना खत्म होते ही साजिश का नया तरीका अपनाया गया ।” उन्होंने कहा कि अस्थिरता फैलाने की ताकतें अवसर की तलाश में थीं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप सरकार द्वारा सोशल मीडिया नियमन के तहत पंजीकरण न कराने वाले प्लेटफॉर्म बंद करने के निर्णय के बाद उन्हें बहाना मिल गया । ओली ने भाद्र २३–२४ की घटनाओं को राज्य के विरुद्ध एक गंभीर साजिश के रूप में व्याख्यायित किया ।
ओली ने आरोप लगाया कि फिलहाल ‘नया बनाम पुराना’ का असंगत विमर्श खड़ा करने की कोशिश की जा रही है । उन्होंने कहा, “सामान्य मतदाताओं को भली–भांति पता है कि आज जिन्हें नया कहा जा रहा है, वे कोई भी वास्तव में नए नहीं हैं । भ्रम में पड़ने की जरूरत नहीं है । जिन्हें नया कहा जा रहा है, वे भी पहले ही परीक्षण से गुजर चुके हैं । चर्चा में रहे ये चेहरे स्थानीय या संघीय सरकारों में शामिल होकर अपनी क्षमता और हैसियत दिखा चुके हैं ।”

