Wed. May 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

रास्वपा का चुनावी घोषणापत्रः संविधान संशोधन से लेकर १०० अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक

 

काठमांडू, १९ फरवरी । राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने अपना चुनावी घोषणापत्र सार्वजनिक किया है । पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि चुनाव के बाद उसकी सरकार बनती है, तो संविधान संशोधन की पहल तत्काल की जाएगी । सार्वजनिक किए गए पार्टी के ‘वचन–पत्र’ में कहा गया है कि तीन महीनों के भीतर राष्ट्रीय सहमति बनाने के उद्देश्य से संविधान संशोधन प्रस्तावों पर एक ‘बहस–पत्र’ तैयार किया जाएगा ।
घोषणापत्र में रास्वपा ने संविधान संशोधन को लेकर अपनी न्यूनतम अवधारणा भी स्पष्ट की है । इसके तहत पार्टी प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यकारी व्यवस्था, पूर्ण समानुपातिक संसद, सांसदों को मंत्री न बनाने की प्रणाली, गैर–दलीय स्थानीय सरकार तथा सुधारित प्रांतीय ढांचे की वकालत करेगी । साथ ही, संघीय मंत्रालयों की संख्या १८ तक सीमित करने, विशेषज्ञ मंत्रियों की नियुक्ति और विशेषज्ञता–आधारित कर्मचारी प्रशासन का नया मानक स्थापित करने का संकल्प लिया गया है ।
घोषणापत्र के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय को केवल प्रशासनिक इकाई तक सीमित न रखते हुए उसे अंतर–मंत्रालयीय समन्वय, जलवायु परिवर्तन और बड़े विकास परियोजनाओं की निगरानी करने वाले परिणाम–केंद्र के रूप में रूपांतरित किया जाएगा ।
आर्थिक मोर्चे पर रास्वपा ने अगले १० वर्षों में नेपाल को सम्मानजनक मध्यम–आय वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा है । पार्टी के उपसभापति स्वर्णिम वाग्ले ने दावा किया कि स्थिर कीमतों पर न्यूनतम वार्षिक ७ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल की जाएगी और इसे ५ प्रतिशत की निरंतरता के साथ बनाए रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि ५ से ७ वर्षों के भीतर प्रति व्यक्ति आय ३,००० डॉलर तक पहुंचाई जाएगी । वाग्ले कहा है– “हमने नेपाल की गतिशील अर्थव्यवस्था को ५ से ७ वर्षों में प्रचलित मूल्यों के आधार पर १०० अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने का प्रण किया है ।”
घोषणापत्र के तीसरे बिंदु में २०४६ साल के बाद से महत्वपूर्ण सार्वजनिक पदों पर रहे व्यक्तियों की संपत्ति की पारदर्शी जांच का प्रावधान किया गया है । अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त कर राष्ट्रीयकरण करने की नीति भी प्रस्तावित की गई है । वहीं, पांचवें बिंदु में किसी भी प्रकार के भ्रातृ संगठनों का गठन न करने और राज्य के निकायों को दलीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने की प्रतिबद्धता जताई गई है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *