बीपी स्मृति दिवस में ‘बीपी विचार गोष्ठी एवं काव्य उत्सव’ का आयोजन
काठमांडू, सावन ७ – नेपाली लेखक संघ, स्याङ्जा ने ४४ वें बीपी स्मृति दिवस के संदर्भ में ‘बीपी विचार गोष्ठी एवं काव्य उत्सव’का आयोजन किया । बुधवार स्याङ्जा के वालिङ बहुमुखी कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता प्रा.डा. वासुदेव भंडारी ने अपनी अवधारणा प्रस्तुत किया और ध्रुवप्रसाद शर्मा पंगेनी ने टिप्पणी की ।
कार्यक्रम में गण्डकी प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति प्रा.डा. कुसुमाकर न्यौपाने, यामप्रसाद अधिकारी (लक्ष्मण), विष्णु सुवेदी गैह्रे, पशुपति पौडेल, कमल पौडेल अथक, मिलन समीर, पारिश्वर न्यौपाने आदि ने बीपी के विचार पर अपनी धारणा रखी ।
दूसरे चरण में कवियों में ध्रुवप्रसाद शर्मा पंगेनी, कमला रेग्मी, विकास थापा मगर, बबिन पाठक, रमेश कुख्यात, स्मारिका अर्याल, गोविन्दशरण रेग्मी, मुनाल गोदार क्षेत्री, ढालबहादुर के.सी., रेशमलाल डुम्रे, नारायण न्यौपाने दर्शन, लक्ष्मी रेग्मी खनाल, वसन्त खनाल, खगेन्द्रजंग थापा ने अपनी अपनी कविताओं की रचना वाचन किए ।
दिलीप तिवारी, लीलाप्रसाद रेग्मी, राजु गैह्रे, शम्भु अर्याल, राजेन्द्र श्रेष्ठ, विनुप्रसाद पराजुली, झवनाथ बस्याल, प्रेमप्रसाद सुवेदी, सीताराम अधिकारी, कमलप्रसाद बगाले, प्रकाश न्यौपाने चौरासपति, जि.बी. राना, ओम थापा, गुरुप्रसाद ढकाल, सरस्वती अर्याल काफ्ले, चण्डिकाप्रसाद भट्टराई, शान्ता थापा, यमप्रकाश खनाल, अनन्त अर्याल, लेखनाथ काफ्ले, मिलन समीर, पारिश्वर न्यौपाने ने अपनी कविता आदि रचना वाचन किए ।

