राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रम्प का दावा – ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अंतिम चरण में
काठमांडू, 2 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। गुरुवार सुबह व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम विशेष संबोधन करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के करीब है और जल्द ही इस अभियान को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
अपने संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि लगभग एक महीने पहले शुरू हुए युद्ध ने की सैन्य शक्ति को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। उनके अनुसार ईरानी नौसेना लगभग समाप्त हो चुकी है, वायुसेना भारी क्षति झेल चुकी है और देश के कई शीर्ष सैन्य नेताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमले करने की क्षमता अब काफी हद तक कम हो गई है।
ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका जीत रहा है और यह जीत पहले की तुलना में कहीं अधिक बड़ी है।”
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जून 2025 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर चलाए गए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इस अभियान के दौरान ईरान के कई परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुँच गया था।
इस दौरान उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “बहुत बड़ी गलती” बताया। ट्रम्प ने कहा कि उस समझौते को समाप्त करना उनके प्रशासन का सही फैसला था।
क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों को असफल नहीं होने देगा। उन्होंने सहयोगी देशों से की सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान भी किया। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अब अमेरिका को उस क्षेत्र के तेल या सुरक्षा पर पहले जैसा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और भविष्य में अमेरिकी सेना की वापसी भी संभव है।
घरेलू राजनीति और अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने बढ़ती ईंधन कीमतों के लिए भी ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राष्ट्रपति को हटाने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान सफल रहा और अब वेनेजुएला अमेरिका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बन चुका है।


