भारत सरकार ने बंद किया परिक्रमा मार्ग,एस.एस.वी.ने सुरक्षा का हबाला दिया

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
भारत सरकार आतंकवादी पर गतिविधियों पर रोकथाम लगाने, तस्करी रोकने के लिए नेपाल सीमा पर जगह जगह कंटीली तार से घेर रहा है। दोनो देशों के बीच आपसी सहमति बनने पर ऐसा निर्णय लिया गया है।
लेकिन नेपाल के डेढ करोड़ मधेशी का रोटी बेटी का संबंध बिहार, उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल तथा सिक्कम के साथ सदियों से चला आ रहा है।1816के सुगौली संधि से पूर्व उतरी विहार का अधिकांश भूभाग नेपाल में ही था।इस तरह भारत द्वारा घेराबंदी करने से खसवादी मानसिकता वाली खस (पहाड़िया) सरकार अच्छा मौका मिल गया। चूंकि घेराबंदी भारत सरकार कर रही है। इसलिए मधेशवादी दल तथा मधेशी जनता सरकार के बिरोध में जा भी नहीं सकते हैं।
कंटीली तार लगने से नेपाल के मधेशी जनता को रोटी बेटी का संबंध पर एक तरह से विराम लग जाएगा। दोनो पार की जनता इससे पहले हरसुख दुःख में एक दुसरे को ढाल बनकर खड़ा रहता था।हाट बाजार में सब्जी या अन्य सामान दोनो देश की नागरिक खरीद बिक्री करते हैं।
इन सबके बीच मधुबनी जिला के खौना ,कमलाबर पट्टी के पास पहाड़ी नाला पर बना संकीर्ण पुल नेपाल तथा भारत के दर्जनों गांवों का सुगम मार्ग था।गृह मंत्रालय की पहल पर एस.एस.बी.बंद कर दिया है।
यह मार्ग मिथिला के चौरासी कोसी परिक्रमा का मुख्य मार्ग हैं।औरही के बाद परिक्रमा का डोला तथा एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का यही मार्ग हैं। औरही के बाद डोला का करूणा में ठहराव स्थल हैं।इसके अवरुद्ध होने से परिक्रमा के आस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। दोनो देशों के नागरिक चिंतित हैं। जानकी मंदिर के उतराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी सहित हिंदू संघ संस्था ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारत के गृह मंत्री से इस मार्ग को पूर्व की भांति सुचारू करने की मांग की है।

