डॉ. गोविंद केसी की मांगों पर विचार करने के लिए सरकार सकारात्मक : मंत्री सस्मित पोखरेल
धनगढ़ी।
शिक्षा एवं खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा है कि धनगढ़ी में आमरण अनशन पर बैठे डॉ. गोविंद केसी की मांगों पर विचार करने के लिए सरकार सकारात्मक है।
शुक्रवार शाम मंत्री पोखरेल ने डॉ. केसी से बातचीत करने के उद्देश्य से उनके सहयोगी डॉ. अमृत जैशी को फोन किया। उस समय डॉ. केसी विश्राम कर रहे थे, इसलिए मंत्री और डॉ. जैशी के बीच ही बातचीत हुई।
डॉ. जैशी के अनुसार, मंत्री पोखरेल ने कहा कि सरकार डॉ. केसी की मांगों के प्रति सकारात्मक है और वार्ता का अनुकूल वातावरण बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया।
डॉ. जैशी ने बताया, “कुछ देर पहले स्वयं मंत्री जी का फोन आया था। उन्होंने कहा कि सरकार डॉ. केसी द्वारा उठाई गई मांगों को संबोधित करने के लिए सकारात्मक है। सरकार वार्ता के लिए एक समिति गठित करने की तैयारी कर रही है और सचिवालय भी इस विषय का अध्ययन कर रहा है।”
उन्होंने बताया कि मंत्री की इच्छा डॉ. केसी से सीधे बातचीत करने की थी, लेकिन उनके विश्राम करने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
डॉ. केसी की ओर से डॉ. अमृत जैशी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगों में चालू आर्थिक वर्ष के भीतर शहीद दशरथ चंद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में 300 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए स्वीकृत पदों (दरबंदी) को मंजूरी देकर उसका संचालन शुरू करना, इसी शैक्षणिक सत्र से चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई प्रारंभ करना तथा स्वार्थवश नियुक्त किए गए संबंधित पदाधिकारियों को हटाना शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री सस्मित पोखरेल और डॉ. गोविंद केसी के बीच शीघ्र ही सीधे टेलीफोन पर भी बातचीत होने की संभावना है।
गौरतलब है कि डॉ. गोविंद केसी गुरुवार से धनगढ़ी स्थित कृष्ण मंदिर धर्मशाला में अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।


