डा.राजेन्द्र विमल का श्रद्धांजलि सभा संपन्न, वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतत्व पर प्रकाश डालें
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । प्रसिद्ध साहित्यकार तथा शिक्षाविद डा. राजेन्द्र विमल का श्रद्धांजलि सभा मैथिली विकास कोष सभागार में मैथिली विकास कोष के अध्यक्ष जीवनाथ चौधरी की अध्यक्षता में वृहत श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि डा.राजेन्द्र विमल एक महान शिक्षाविद थे। वे नेपाली, मैथिली, हिन्दी, अंग्रेजी के ज्ञाता थे। उसका नश्वर शरीर जरूर हम सवों से अलग हुआ हैं लेकिन उनकी कृति अमर है। इसलिए वे सदा जीवित रहेंगे। वे नेपाली के प्राध्यापक के तौर पर रा.रा.कैम्पस में लंबे समय सेवा दी तथा विभागाध्यक्ष से अवकाश ग्रहण किए। वे नेपाली समाज की पीड़ा को समझते थे इसलिए हंसा चलल प्रदेश टेलीफिल्म बनायें जिसकी काफी चर्चा हुए। वे जनकपुरधाम उद्योग बाणिज्य संघ के द्वारा सीतायन की रचना में सहयोग किए। बच्चे मैथिली सीखें इसलिए बालपोथी लिखें। वे समाज के निम्न वर्ग के लिए मुसहर जाति के लिए भुइया देवता नाटक की रचना किए। उन्होंने कई कथा तथा कविता की रचना भी किए। नेपाल सरकार के द्वारा दर्जनों पुरस्कार से नबाजे गये हैं। श्रद्धांजलि सभा में जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, प्राज्ञ राम भरोस कापड़ि भ्रमर, साहित्यकार रोशन जनकपुरी, संविधान सभा सदस्य तथा साहित्यकार शीतल झा, मिनाप के अध्यक्ष सुनील मल्लिक, पूर्व मेयर बृषेश चंद्र लाल सहित, पूनम झा मैथिल सहितबड़ी संख्या में साहित्यकार तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।यहाँ उल्लेखनीय हैं कि डा. राजेन्द्र विमल का निधन 11अगस्त को हो गया।


