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चौधरी फाउंडेशन और नबिल बैंक ने 15 करोड़ की बहु-चरणीय राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यक्रम की घोषणा की

 

13 भदौ, काठमांडू।

रसुवा और नुवाकोट के बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए चौधरी फाउंडेशन और नबिल बैंक ने 15 करोड़ नेपाली रुपये की लागत से बहु-चरणीय राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यक्रम की घोषणा की है।

भदौ 10 गते रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से यह राहत पैकेज घोषित किया है।

राहत एवं पुनर्स्थापना पैकेज में क्या-क्या शामिल है?

इस अभियान के तहत आपातकालीन राहत से लेकर अस्थायी आवास निर्माण और दीर्घकालीन स्वास्थ्य तैयारी तक के कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

भदौ 11 गते से ही प्रभावित क्षेत्रों में तैयार भोजन, पेयजल, बिस्कुट, कपड़े, तिरपाल और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी सामग्री वितरित की जा रही है। इस कार्य में फाउंडेशन और बैंक के कर्मचारी स्थानीय स्तर पर भी सक्रिय रूप से जुटेंगे।

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स्थानीय प्रशासन के समन्वय से रसुवा और नुवाकोट में एक-एक व्यवस्थित राहत शिविर स्थापित कर प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, धुलिखेल अस्पताल के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पेयजल और रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।

500 अस्थायी आवास बनाए जाएंगे

चौधरी फाउंडेशन और नबिल बैंक ने बाढ़ में पूरी तरह नष्ट या रहने योग्य नहीं रहे घरों वाले परिवारों के लिए 500 अस्थायी आवास इकाइयाँ बनाने की घोषणा की है।

सरकार के सहयोग से बनाए जाने वाले इन आवासों में उस प्रमाणित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका उपयोग पहले भूकंप प्रभावित लोगों के लिए किया गया था।

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इसके साथ ही दोनों संस्थाओं ने स्थायी आवास तथा आवश्यक सामुदायिक बुनियादी ढाँचे के निर्माण में भी सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है।

संक्रामक रोग रोकथाम केंद्र की स्थापना

दोनों संस्थाओं ने दीर्घकालीन योजना के तहत एक ‘संक्रामक रोग रोकथाम तथा नियंत्रण केंद्र’ स्थापित करने की भी घोषणा की है।

यह केंद्र धुलिखेल अस्पताल के सहयोग से स्थापित किया जाएगा और आपदा के बाद उत्पन्न होने वाले संभावित रोगों एवं स्वास्थ्य संकटों के प्रबंधन, जनचेतना तथा रोगों की निगरानी में काम करेगा।

चौधरी फाउंडेशन तथा नबिल बैंक के अध्यक्ष निर्वाण चौधरी ने कहा कि इस समय तत्काल प्राथमिकता प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवा और सम्मान सुनिश्चित करना है।

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उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी केवल आपातकालीन राहत तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हम बचाव और राहत से लेकर अस्थायी आवास, स्थायी पुनर्स्थापना और मजबूत जनस्वास्थ्य तैयारी तक की पूरी यात्रा में प्रतिबद्ध हैं।”

अभियान को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नेपाल सरकार, स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों के साथ निकट समन्वय किया जाएगा।

दोनों संस्थाओं ने आपदा के दौरान बचाव और तत्काल राहत कार्यों में नेपाल सरकार द्वारा दिखाई गई सक्रियता और तत्परता की सराहना करते हुए भविष्य में भी प्रभावी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

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