मैथिली विकास कोष ने मनाया 19 वां राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । मैथिली विकास कोष जनकपुरधाम तथा विद्यापति पुस्तकालय अध्ययन तथा अनुसंधान समन्वय तथा मैथिली विकास कोष के द्वारा 19 वां राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस मैथिली विकास कोष के सभागार में जीव नाथ चौधरी की अध्यक्षता में मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय वह शिक्षा का केंद्र जहाँ मनुष्य जीने की कला, रोजगार से लेकर संस्कार तक पाता हैं। राजा जनक के समय में भी जनकपुरधाम में विशाल पुस्तकालय था। पुस्तकालय द्वारा बालक, युवा तथा वृद्ध ज्ञान की प्राप्ति करता हैं। लेकिन आज के दौर में युवा पीढ़ी पुस्तकालय से दूर भागता जा रहा हैं। मोबाइल के सहारे आन लाइन या गुगुल के माध्यम से जानकारी हासिल करते हैं लेकिन शत प्रतिशत विश्वनीयता पुस्तालय में रखी पुस्तक से प्राप्त कर सकते हैं चूंकि पुस्तकालय में समाधान के लिए कई लेखकों के पुस्तक रहते हैं। इसलिए छात्र पुस्तकालय में अध्ययन करें। इस दौरान विद्वान वक्ताओं ने पठन संस्कृति विकास पर विस्तार से अपनी अपनी राय रखें। इस कार्यक्रम में प्राज्ञ रमेश रंजन झा, संविधान सभा सदस्य शीतल झा, पूर्व मेयर बजरंग प्रसाद साह सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि तथा लेखक सहित अन्य लोगों की सहभागिता थी।


