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नेपाल बाढ़ संकट: कृष्णभीर में सड़क धंसने से पृथ्वी राजमार्ग बंद, 10–15 दिनों में खोलने की तैयारी

 

काठमांडू, 1 सितंबर।

भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने से नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण पृथ्वी राजमार्ग के कृष्णभीर क्षेत्र में सड़क का निचला हिस्सा कट गया है। इससे राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।

नेपाल के सड़क विभाग ने भू-वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजते हुए 10 से 15 दिनों के भीतर राजमार्ग को फिर से चालू करने की योजना बनाई है।

सड़क को हाई प्रायोरिटी पर खोला जाएगा

स्थल निरीक्षण के बाद सड़क विभाग के सहसचिव चुणाराज ढकाल ने बताया कि बाढ़ के कारण सड़क का आधार हिस्सा नदी में कट गया है, जबकि ऊपर की ढलान में बड़ी दरारें पड़ने से भूस्खलन हुआ है।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी राजमार्ग देश की लाइफलाइन है, इसलिए इसकी बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों की तकनीकी राय के आधार पर 10–15 दिनों के भीतर सड़क खोलने का प्रयास किया जाएगा। तब तक यातायात को वैकल्पिक मार्गों और स्थानीय सड़कों से संचालित किया जाएगा।

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ढकाल ने कहा कि भविष्य में नदी किनारे बने राजमार्गों को अधिक सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने के लिए सड़क की ऊंचाई बढ़ाने, वैकल्पिक लिंक रोड विकसित करने, ऊंचे पुल और छोटे सुरंगों के निर्माण जैसी नीतियां अपनानी होंगी। उनका कहना है कि शुरुआती लागत अधिक हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ऐसी संरचनाएं अधिक टिकाऊ साबित होंगी।

पुरानी भूस्खलन वाली जगह पर फिर टूटी सड़क

सड़क विभाग के भू-तकनीकी विशेषज्ञ मधुसूदन आचार्य ने बताया कि कृष्णभीर का भूस्खलन उसी पुराने स्लोप फेलियर क्षेत्र में दोबारा हुआ है, जहां पहले भी खतरा बना था।

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उन्होंने कहा कि पहाड़ी के ऊपरी हिस्से की अस्थिर मिट्टी और चट्टानों को हटाकर फिलहाल सिंगल लेन डायवर्जन बनाया जा सकता है। इसके लिए ऊपर से चरणबद्ध तरीके से कटिंग और ढलान को मजबूत करने (नेलिंग तकनीक) का काम किया जाएगा।

ड्रोन सर्वे के बाद नई योजना

ड्रोन सर्वेक्षण में संकेत मिले हैं कि नदी के निचले हिस्से में बेडरॉक मौजूद हो सकता है और फिलहाल नीचे की ओर कटाव रुक गया है। इसी आधार पर सड़क के ऊपरी हिस्से से डायवर्जन बनाकर यातायात बहाल करने की योजना तैयार की गई है।

नदी के कटाव को रोकने के लिए जियोबैग, गैबियन नेट और जाल में लपेटे गए बड़े पत्थरों (बोल्डर) का उपयोग किया जाएगा, ताकि सड़क के नीचे की मिट्टी और ढलान को मजबूती मिल सके।

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हजारों घनमीटर मलबा हटाना होगा

आचार्य के अनुसार सड़क चालू करने के लिए लगभग 100 मीटर लंबे और 10 से 15 मीटर ऊंचे हिस्से से हजारों घनमीटर मलबा हटाना पड़ेगा।

यदि तीन से चार भारी मशीनों को लगातार लगाया जाए, तो करीब 15 दिनों में सड़क को एक लेन के लिए चालू किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे व्यावहारिक समाधान ट्रैफिक को डायवर्ट करना और पहाड़ी के ऊपर से अस्थायी सिंगल लेन मार्ग तैयार करना है, ताकि पृथ्वी राजमार्ग पर आवागमन जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

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