भारत-नेपाल का संयुक्त रेस्क्यू अभियान: चिलिमे सुरंग में मलबा हटाने का काम तेज
काठमांडू, 5 सितम्बर। नेपाल के चिलिमे सुरंग (Chilime tunnel) में स्थिति को सामान्य करने के लिए भारत और नेपाल की संयुक्त बचाव टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इस जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा जानकारी साझा करते हुए बताया है कि दोनों देशों के दल लगातार चुनौतियों का सामना करते हुए बचाव कार्य में जुटे हैं।
राजदूत श्रीवास्तव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सुरंग के भीतर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अंदर भारी मात्रा में मलबा, पानी और कीचड़ जमा हो गया है, जिसका स्तर सुरंग के अंदरूनी हिस्सों में लगभग छत को छू रहा है। भारतीय और नेपाली रेस्क्यू टीमें लगातार इस मलबे को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं ताकि भारी मशीनों को सुरंग की गहराई तक सुरक्षित ले जाया जा सके।
भौगोलिक चुनौतियां और सड़क निर्माण
संकरी घाटी और कठिन दुर्गम इलाके के कारण इस क्षेत्र में भारी हेलीकॉप्टरों का उपयोग कर पाना संभव नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए बचाव दल एक वैकल्पिक और ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इस अभियान से जुड़े प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:
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एक्सेस रोड का निर्माण: मलबे की निकासी के साथ-साथ, पास के स्याफ्रुबेंसी (Syafrubesi) से चिलिमे सुरंग के मुहाने (पोर्टल) तक एक नई पहुंच मार्ग (Access road) बनाने का काम समानांतर रूप से चल रहा है।
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एक्सकेवेटर की तैनाती: इस सड़क के तैयार होते ही भारी एक्सकेवेटर और अन्य आवश्यक मशीनों को सीधे घटनास्थल तक पहुंचाया जा सकेगा।
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अभियान में तेजी: भारी मशीनों की पहुंच सुनिश्चित होने से सुरंग के अंदर जमा जिद्दी मलबे को तेजी से काटा जा सकेगा, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन को नई गति मिलेगी।
भारत और नेपाल (🇮🇳🤝🇳🇵) के बीच चल रहा यह संयुक्त अभियान संकट के समय दोनों देशों के गहरे आपसी सहयोग और तत्परता का स्पष्ट उदाहरण है। बिना हवाई मदद के, केवल जमीनी संसाधनों और मानवीय प्रयासों के जरिए सुरंग को फिर से खोलने की दिशा में टीमें दिन-रात एक कर रही हैं।




