चिलिमे टनल रेस्क्यूः भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव का अपडेट, भारत–नेपाल की संयुक्त टीम कर रही है निरंतर प्रगति
८ सितंबर २०२६, काठमांडू (नेपाल) नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद चिलिमे टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नेपाल में भारत के राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि तमाम भौगोलिक और मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद भारत और नेपाल की संयुक्त तकनीकी टीम इस खोज और बचाव अभियान में लगातार प्रगति कर रही है । राजदूत द्वारा साझा किए गए अपडेट के अनुसार, बचाव कार्य को गति देने के लिए तकनीकी और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर कई अहम कदम उठाए गए हैं
बचाव अभियान की मुख्य उपलब्धियां :

सुरक्षा रस्सी संपर्कः बचाव दल के सदस्यों को सुरंग के भीतर सुरक्षित रूप से उतारने और अंदर गहराई तक जाने के लिए ’सेफ्टी रोप कनेक्टिविटी’ सफलतापूर्वक स्थापित कर ली गई है।
८ ८मड पंप और जनरेटर की तैनातीः बाढ़ के कारण सुरंग के अंदर भारी मात्रा में जमा हुए खतरनाक कीचड़ (कगिकज) और पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए एक बड़ा मड पंप और जनरेटर मौके पर पहुंचा दिया गया है।
८ ८वैकल्पिक सड़क का निर्माणः सुरंग के मुहाने तक भारी उपकरणों (जैसे एक्सकेवेटर) को ले जाने के लिए ’नियंत्रित रॉक ब्लास्टिंग’ की मदद से एक अस्थायी सड़क का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
खराब मौसम, सीमित जगह और सुरंग के अंदर दलदली स्थिति जैसी अत्यधिक विषम परिस्थितियों के बावजूद दोनों देशों के विशेषज्ञ और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से डटे हुए हैं। चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल पर सुरंग के भीतर गहराई तक पहुंचना इस पूरे अभियान का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके लिए हर एक मीटर की निकासी सावधानीपूर्वक की जा रही है।



