‘घरपझोङ जलवायु सम्मेलन’के लिए प्रधानमंत्री शाह ने दी शुभकामनाएं
काठमांडू, भाद्र ३० – प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ने मुस्ताङ के जोमसोम में आज से शुरु ‘घरपझोङ जलवायु सम्मेलन’के लिए अपनी शुभकामनाएं दी है । उन्होंने सम्मेलन को लेकर एक संदेश भेजा है । संदेश में इस बात का उन्होंने उल्लेख किया है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ के ८१वें महासभा में वे जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल में जो नुकसान हो रहा है उसे लेकर आवाज उठाएंगे । घरपझोङ गाँवपालिका के अध्यक्ष मोहन सिंह लालचन (मोहन थकाली) ने सम्मेलन के उद्घाटन में प्रधानमंत्री शाह द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश को पढ़कर सुनाया ।
अपनी शुभकामना संदेश में उन्होंने लिखा है ‘मुझे बेहद खुशी है कि मुस्ताङ के घरपझोङ गाँवपालिका के नेतृत्व में गण्डकी सरकार, स्थानीय तहों, अन्नपूर्ण क्षेत्रों तथा अन्य निकायों के सहयोग से २०८३ साल भाद्र ३० और ३१ गते जोमसोम में ‘घरपझोङ जलवायु सम्मेलन २०८३’ आयोजित की गई है । विश्वव्यापी रूप में तापक्रम वृद्धि होने से महाभारत पिघलने, हिमताल फुटने, हिमनदियों का प्रवाह बढ़ने, पानी के मुहानों का सुखना, मौसम में ऐतिहासिक परिवर्तनों से जो विभिन्न समस्याएं आ रही है उससे हिमाली क्षेत्रों के निवासियों को बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । जलवायु परिवर्तन के कारण स्थानीय जनजीवन, कृषि और जैविक विविधत में भी असर पड़ना शुरु हो गया है । जलवायु के असर का सामना करने के कार्य में संघ, प्रदेश और स्थानीय तहों के बीच मजबूत सहकार्य होना आवश्यक है । ’ प्रधानमंत्री शाह ने अनिे संदेश में कहा है कि ‘जलवायु परिवर्तन का जो असर है उसका न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन करना विश्व समुदाय की साझा जिम्मेदारी है । संयुक्त राष्ट्रसंघ के ८१ वें महासभा में जलवायु परिवर्तन के कारण से नेपाल जिस दौर से गुजर रहा है या नेपाल को जो क्षति हो रही है, इसे ं हम महासभा में उठाएंगे ।’
शाह ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले असर न्यूनीकरण और व्यवस्थापन के लिए विश्व समुदाय को सहकार्य के लिए आह्वान करेंगे । संयुक्त राष्ट्रसंघ के ८१वें महासभा में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री शाह आश्विन ६ गते अमेरिका जा रहे हैं । महासभा को प्रधानमंत्री शाह शाश्विन ८ गते संबोधन करेंगे । आश्विन ९ गते उनका स्वदेश वापस लौटने का कार्यक्रम है ।


