‘संविधान संशोधन: असंतुष्ट समुदाय के सवाल’ विषय पर परिचर्चा संपन्न; देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय

काठमांडू, २० सितंबर (असोज ४)। संविधान दिवस के अवसर पर असोज ३ गते (१९ सितंबर) आयोजित “संविधान संशोधन: असंतुष्ट समुदाय के सवाल” विषयक विशेष परिचर्चा कार्यक्रम के संदर्भ में आयोजक राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी की समीक्षा बैठक में इसे देशव्यापी रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
असोज ३ गते को एक तरफ संविधान दिवस और दूसरी तरफ असंतुष्ट समुदायों द्वारा “काले दिन” के रूप में मनाए जाने के संदर्भ में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत समसामयिक, प्रासंगिक और प्रभावशाली रहा। व्यापक जनसहभागिता वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, पूर्व मंत्रियों, कानूनी विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवा प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में असंतुष्ट समुदायों के मुद्दों और संविधान संशोधन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करने वाले प्रमुख वक्ताओं में: जनता समाजवादी पार्टी के उपाध्यक्ष राजकिशोर यादव, पूर्व मंत्री लक्ष्मणलाल कर्ण, जरोकिलो अभियान के डॉ. प्रोफेसर निर्मलमणि अधिकारी, राष्ट्रीय मुक्ति क्रांति के नेता बुद्धछिरिंग मोक्तान, मधेस प्रदेश के पूर्व महान्यायाधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र महतो, राष्ट्र निर्माण दल के समीम मिया अंसारी, संविधान सभा सदस्य रामकुमार शर्मा, नागरिक पहिलो अभियान के प्रशांत सिंह, जेन-जी कार्यकर्ता माजित अंसारी, राष्ट्रीय एकता अभियान के विनायक कुमार यादव, प्रजातांत्रिक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अशोक यादव, जी. के. मंडल फाउंडेशन के गणेश मंडल, किरात याक्थुंग चुम्लुंग के अध्यक्ष प्रेम येक्तेन, अधिवक्ता विकास ठाकुर, संस्कृति कार्यकर्ता रविराज साह, पिछड़ावर्ग महासंघ के सी.एन. खड्गा, अनिस अंसारी, अमरदेव यादव, दिग्विजय मिश्र, दीपक गुप्ता, महिला कार्यकर्ता बेबी राजभंडारी, विकास तिवारी सहित अन्य वक्ता शामिल थे।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यक्रम की सफलता पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए महत्वपूर्ण विचारों एवं सुझावों को आधिकारिक रूप से दस्तावेजीकरण करने का निर्णय लिया गया।
पार्टी के महासचिव संतोष मेहता के अनुसार, इस परिचर्चा की उच्च प्रासंगिकता को देखते हुए अब इसे एक अभियान के रूप में पूरे देश में ले जाने का निर्णय लिया गया है।

