राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी दबावमूलक जनअभियान चलाएगी।
काठमांडू।
राजेंद्र महतो के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी ने घोषणा की है कि वह चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह द्वारा किए गए वादों को पूरा कराने के लिए दबावमूलक जनअभियान चलाएगी।
रविवार से शुरू हुई पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में अध्यक्ष राजेंद्र महतो द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक प्रतिवेदन में इस अभियान का उल्लेख किया गया है। प्रतिवेदन में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह ने जनकपुरधाम सहित विभिन्न स्थानों पर मधेश और उत्पीड़ित समुदायों के सामने संघीय व्यवस्था के पूर्ण क्रियान्वयन, पुलिस समायोजन, निजामती (सिविल सेवा) कानून बनाने और लाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने जैसी कई प्रतिबद्धताएँ की थीं, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया है।
‘प्रधानमंत्री जी, अपना वादा पूरा कीजिए’ अभियान
राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी ने “प्रधानमंत्री जी, अपना वादा पूरा कीजिए!” नारे के साथ प्रदेशों की राजधानियों और काठमांडू के माइतीघर मंडला में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
पार्टी निम्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन और स्मरणपत्र भी सौंपेगी—
लाल आयोग की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए।
थरुहट–मधेश आंदोलन के दौरान गिरफ्तार बंदियों को रिहा किया जाए।
आंदोलन से जुड़े कथित झूठे मुकदमे वापस लिए जाएँ।
प्रतिवेदन में कहा गया है कि यदि ये मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी प्रदेश सभाओं और संघीय संसद का घेराव करने तक के आंदोलन की घोषणा करेगी।
स्थानीय चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराने की मांग
राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी ने स्थानीय निकायों के चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराने की मांग भी उठाई है।
राजेंद्र महतो के अनुसार स्थानीय सरकार नागरिकों के सबसे निकट की संस्था है, लेकिन पारंपरिक राजनीतिक दलों ने स्थानीय निकायों को गुटबाजी, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बजट बाँटने का माध्यम बना दिया है। उनका कहना है कि दलगत राजनीति ने गाँव और नगरों में विकास तथा सेवा-प्रवाह को प्रभावित किया है और नागरिकों के बीच विभाजन बढ़ाया है।
पार्टी “स्थानीय निकाय दलमुक्त, नागरिक-केंद्रित और सेवामुखी” नारे के साथ देशभर में संघर्ष समितियाँ बनाएगी, जनबहस आयोजित करेगी और ज्ञापन अभियान चलाएगी। साथ ही संविधान और कानून में संशोधन कर स्थानीय चुनावों में उम्मीदवारों को उनकी योग्यता, ईमानदारी और सेवा-भाव के आधार पर सीधे जनता द्वारा चुने जाने की व्यवस्था की मांग करेगी।
ग्राम सभा और प्रत्यक्ष निगरानी की अवधारणा
पार्टी स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा और प्रत्यक्ष नागरिक निगरानी समितियों की व्यवस्था लागू करने के लिए भी दबाव बनाएगी।
‘चुरे बचाओ, मधेश और जीवन बचाओ’ अभियान
राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी ने “चुरे बचाओ, मधेश और जीवन बचाओ” अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
इस अभियान के तहत—
चुरे क्षेत्र से पत्थर, गिट्टी और बालू के दोहन तथा निकासी को रोकने की मांग की जाएगी।
तराई–मधेश के जिलों में जनदबाव बनाने के लिए पदयात्राएँ निकाली जाएँगी।
चुरे क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे।
संगठन और डिजिटल विस्तार पर जोर
प्रतिवेदन में पार्टी ने स्वीकार किया है कि पुरानी दलगत राजनीति नागरिकों को जोड़ने में सफल नहीं रही है।
इसी कारण पार्टी वैचारिक विस्तार, संगठन सुदृढ़ीकरण, विधान संशोधन, डिजिटल संचार, स्थानीय सरकार और संवाद-सहकार्य से जुड़े कार्यदल की सिफारिशों को लागू करेगी।
“गाँव-गाँव में स्वदेशवाद, टोले-टोले में मुक्ति अभियान” के तहत हर वार्ड और मोहल्ले में नागरिक संवाद मंच तथा संघर्ष या न्याय मंडल बनाने का अभियान चलाया जाएगा।
युवाओं को पार्टी कार्यालय बुलाने के बजाय उन्हें सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए डिजिटल वॉलंटियर्स की टीम बनाई जाएगी।
विभिन्न समुदायों के साथ संवाद
पार्टी ने मधेसी, थारू, लिम्बुवान, तामाङसालिङ, नेवा, मगरात, दलित और मुस्लिम समुदायों सहित विभिन्न समूहों के साथ राष्ट्रीय पुनर्जागरण अभियान के लिए संवाद और सहयोग तेज करने का प्रस्ताव रखा है। प्रत्येक समुदाय के अपने-अपने क्षेत्र में पुनर्जागरण अभियान चलाया जाएगा।
संविधान संशोधन पर देशव्यापी नागरिक संवाद
असोज 3 से शुरू होने वाली प्रारंभिक पहल को आगे बढ़ाते हुए पार्टी विराटनगर, जनकपुर, वीरगंज, पोखरा, नेपालगंज और धनगढी जैसे प्रमुख शहरों में “संविधान संशोधन और असंतुष्ट समुदायों के मुद्दे” विषय पर व्यापक नागरिक संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव लाई है।
फिलहाल पार्टी कार्यालय में चल रही केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस राजनीतिक प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा जारी है।

