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अब बैंक 45 दिन बाद ही बेच सकेंगे शेयर

 

काठमांडू, 8 असोज।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने बैंक तथा वित्तीय संस्थाओं के लिए पूंजी बाजार में निवेश संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को नया निर्देश जारी करते हुए शेयर और डिबेंचर बेचने की न्यूनतम होल्डिंग अवधि 6 महीने से घटाकर केवल 45 दिन कर दी है।

इस फैसले के बाद बैंक और वित्तीय संस्थाएं धितोपत्र (शेयर) बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर और डिबेंचर खरीदकर 45 दिन पूरे होने के बाद उन्हें बेच सकेंगी।

अब तक बैंकों को पूंजी बाजार में किए गए निवेश को कम से कम छह महीने तक अपने पास रखना अनिवार्य था। नए निर्देश के अनुसार सूचीबद्ध संगठित संस्थाओं के शेयर और डिबेंचर में 45 दिनों से अधिक अवधि के लिए निवेश किया जा सकेगा और इसके बाद उनकी बिक्री संभव होगी।

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हालांकि नेपाल राष्ट्र बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की व्यवस्था या माध्यम अपनाकर अल्पकालिक या सट्टेबाजी (स्पेकुलेटिव) उद्देश्य से निवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

केंद्रीय बैंक ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बैंक और वित्तीय संस्थाओं पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं। नए नियम के तहत प्रत्येक बैंक को अपनी निवेश नीति और कार्यविधि तैयार कर उसे अपने संचालक समिति (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) से अनुमोदित कराना होगा।

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यह नीति सरकारी प्रतिभूतियों, नेपाल राष्ट्र बैंक के ऋणपत्रों तथा सूचीबद्ध संस्थाओं के शेयर और डिबेंचर में किए जाने वाले निवेश पर लागू होगी।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने निर्देश दिया है कि निवेश संबंधी कार्यविधि इस प्रकार तैयार की जाए जिससे स्पेकुलेटिव जोखिम कम हो। बोर्ड से स्वीकृत नीति में जोखिम प्रबंधन की स्पष्ट व्यवस्था शामिल करना अनिवार्य होगा।

केंद्रीय बैंक के अनुसार बैंक और वित्तीय संस्थाओं की निवेश नीति में निम्नलिखित विषयों को शामिल करना होगा—

  • निवेश का उद्देश्य और रणनीति।

  • किन-किन शेयरों, डिबेंचरों और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया जा सकेगा।

  • निवेशित परिसंपत्तियों का बैंकिंग बुक और ट्रेडिंग बुक के रूप में वर्गीकरण।

  • निवेश प्रबंधन और जोखिम नियंत्रण से जुड़े नीतिगत प्रावधान।

इस संशोधन का उद्देश्य बैंकों के निवेश प्रबंधन को अधिक लचीला बनाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि पूंजी बाजार में निवेश सट्टेबाजी के बजाय निर्धारित नीति और जोखिम प्रबंधन के दायरे में किया जाए।

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