प्रधानमंत्री बालेन की संभावित भारत यात्रा को लेकर संसदीय समिति में चर्चा
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) की संभावित भारत यात्रा को लेकर संसदीय समिति में चर्चा हुई है।
वर्तमान में भारत में नेपाल के राजदूत नहीं हैं। ऐसी स्थिति में भारत के लिए नेपाली राजदूत की जल्द नियुक्ति किए जाने का विषय संसदीय सुनवाई समिति की बैठक में उठाया गया।
सरकार ने भारत में नेपाली राजदूत के लिए डॉ. निश्चलनाथ पाण्डे के नाम की सिफारिश की है। पाण्डे सहित १३ प्रस्तावित राजदूतों की संसदीय सुनवाई प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मंगलवार को हुई सुनवाई समिति की बैठक में प्रस्तावित राजदूतों के खिलाफ प्राप्त शिकायतें समिति के सदस्यों को वितरित की गईं। साथ ही प्रस्तावित राजदूतों की कार्ययोजनाएँ भी सदस्यों को उपलब्ध कराई गईं।
प्रस्तावित राजदूतों की संसदीय सुनवाई की तारीख तय करने के दौरान प्रधानमंत्री बालेन की संभावित भारत यात्रा का विषय उठा। संसदीय सुनवाई समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ ने कहा, “मेरी जानकारी में प्रधानमंत्री की भारत यात्रा होने वाली है। लेकिन तारीख अभी तय नहीं हुई है।”
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद नरबहादुर बिष्ट ने भी प्रधानमंत्री बालेन की भारत यात्रा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री की भारत यात्रा तय हो गई है तो प्रस्तावित राजदूत की सुनवाई जल्द की जा सकती है। उन्होंने अन्य प्रस्तावित राजदूतों के मामले में प्राप्त शिकायतों का अध्ययन करने के लिए समय लेकर सुनवाई प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा, “यदि प्रधानमंत्री दिल्ली जा रहे हैं तो दिल्ली के राजदूत को प्राथमिकता देकर उनकी सुनवाई करें।”
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि संसदीय सुनवाई समिति से अनुमोदित होने के बाद भी भारत की ओर से एग्रिमो (सहमति) मिलना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अतीत में कुछ मामलों में एग्रिमो मिलने में समय लगा है और कुछ मामलों में एग्रिमो नहीं मिलने के कारण दूसरे व्यक्ति को नियुक्त कर भेजना पड़ा है।
नेकपा एमाले की संसदीय दल की उपनेता एवं सुनवाई समिति की सदस्य पद्मा आर्याल ने भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री की भारत यात्रा होने वाली है तो प्रस्तावित राजदूत की सुनवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “यदि प्रधानमंत्री की यात्रा तय करने के लिए सरकार की पहल है तो राजदूत की नियुक्ति से भी इसमें सहयोग मिलेगा। प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए वातावरण बनाने का काम भी राजदूत करता है। तारीख तय होने के बाद केवल स्वागत के लिए जाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने और बाकी प्रस्तावित राजदूतों की एक साथ सुनवाई करने का प्रस्ताव रखा।
रास्वपा सांसद दीपक बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के दौरान संबंधित देश में नेपाली राजदूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में भी नेपाली राजदूतों की मौजूदगी से विभिन्न समस्याओं में फंसे नेपाली नागरिकों को राहत मिल सकती है।
उन्होंने विशेष रूप से खाड़ी देशों की जेलों में बंद नेपाली नागरिकों का उल्लेख करते हुए राजदूतों की जल्द नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजदूतों के स्तर से पहल होने पर कुछ नेपाली नागरिक दशैं से पहले स्वदेश लौटने की स्थिति में आ सकते हैं।
बैठक में हुई चर्चा के बाद समिति ने प्रस्तावित राजदूतों की संसदीय सुनवाई के लिए २६, २७ और २८ असोज की तारीख तय की है। निर्धारित तिथियों में सभी १३ प्रस्तावित राजदूतों की संसदीय सुनवाई होगी।


