भारी बर्फबारी से हिल्सा-सिमकोट मार्ग बंद, चीन के पुरंग में करीब 300 नेपाली नागरिक फंसे
हिल्सा-सिमकोट सड़क मार्ग पर भारी बर्फ जमने के कारण आवागमन बाधित होने से हुम्ला से चीन गए करीब 300 नेपाली नागरिक तिब्बत के पुरंग में फंस गए हैं। सड़क बंद होने के कारण वे घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं और चीन में ही रहने को मजबूर हैं।
पुरंग में रह रहे साम चेन ने ऑनलाइन माध्यम से दी जानकारी में बताया कि हुम्ला के विभिन्न स्थानीय निकायों के करीब 300 नागरिक इस समय पुरंग में फंसे हुए हैं। इनमें अकेले नाम्खा गांवपालिका के 150 से अधिक नागरिक शामिल हैं।
चेन के अनुसार, बर्फ के कारण हिल्सा से सिमकोट आने वाला सड़क मार्ग बंद हो गया है। इसलिए वे घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं और अब उन्हें तत्काल उद्धार की व्यवस्था की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि हुम्ला के विभिन्न स्थानीय निकायों के नागरिकों के साथ भारत से आए कुछ लोग भी पुरंग में फंसे हुए हैं।
बर्फ ने रोका घर लौटने का रास्ता
चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ङारी प्रिफेक्चर में स्थित पुरंग काउंटी हुम्ला के हिल्सा नाके से जुड़ा प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र है।
हुम्ला से व्यापार, रोजगार और अन्य काम के लिए पुरंग पहुंचे नेपाली नागरिक सड़क बंद होने के बाद वहीं फंस गए हैं।
हिल्सा होते हुए सिमकोट लौटने वाले मार्ग पर भारी बर्फ जम जाने के कारण वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। पैदल आवागमन भी जोखिमपूर्ण हो गया है। ऐसे में नेपाली नागरिकों को पुरंग में ही रुकना पड़ रहा है।
पुरंग में फंसे नागरिकों के अनुसार, जब तक बर्फ हटाकर सड़क को यातायात के लिए नहीं खोला जाता, तब तक नेपाल लौटना संभव नहीं है।
लंबे समय तक सड़क बंद रहने से उनके रहने, खाने-पीने और अन्य दैनिक आवश्यकताओं पर भी असर पड़ने लगा है।
बर्फ हटने के बाद ही लौटना संभव
हुम्ला के प्रमुख जिला अधिकारी भोलानाथ गुरागाईं ने बताया कि हिल्सा-सिमकोट सड़क पर बर्फ जमा होने के कारण चीन गए व्यापारी और स्थानीय नागरिक वहीं रुके हुए हैं।
उनके अनुसार, पुरंग क्षेत्र में जमा बर्फ हटाए जाने के बाद ही हिल्सा के रास्ते हुम्ला लौटने की स्थिति बनेगी।
उन्होंने कहा, “हिल्सा से सिमकोट आने वाली सड़क पर बर्फ के कारण व्यापारी और स्थानीय नागरिक ताक्लाकोट की ओर रुके हुए हैं। रास्ता खुलने तक तत्काल समस्या बनी हुई है।”
सड़क बंद होने से हुम्ला के उत्तरी क्षेत्र में होने वाली व्यापारिक गतिविधियां और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। खासकर चीन के पुरंग पहुंचे नेपाली नागरिक सड़क खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उद्धार के लिए समन्वय जरूरी
हिमपात के कारण यदि लंबे समय तक सड़क नहीं खुली तो पुरंग में फंसे नेपाली नागरिकों की समस्या और गंभीर हो सकती है। नाम्खा गांवपालिका के ही 150 से अधिक नागरिकों के फंसे होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन और संबंधित सरकारी एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय आवश्यक हो गया है।
चीन में फंसे नेपाली नागरिकों ने तत्काल सड़क खोलने या ऐसा संभव नहीं होने पर वैकल्पिक माध्यम से उद्धार की व्यवस्था करने की मांग की है। उच्च हिमाली क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के कारण सड़क खोलने में समय लगने की आशंका है।
हुम्ला के नागरिकों के लिए हिल्सा-सिमकोट सड़क प्रमुख आवागमन मार्ग है। बर्फ के कारण इसके बंद होने से दैनिक जीवन, व्यापार और आवागमन पर सीधा असर पड़ा है। यदि सड़क शीघ्र नहीं खुली तो पुरंग में फंसे नेपाली नागरिकों की परेशानी और लंबी हो सकती है।


