मंजिल से सफ़र ज्यादा सुहावना होता है : पुजा गुप्ता
पुजा गुप्ता , दुहवी ,विराटनगर , ८ मई |
“मंजिल से ज्यादा सफ़र सुहाना होता है ” बाधाएँ कब बाँध सकी है पाँव में बेडियां आगे बढ़ने वाले कॊ , विपदाएं कब हौसला नाप सकी है मर कर जीने वाले कॊ , समस्यायें कब रोक सकी श्रम कॊ अपना धर्म समझने वाले कॊ , कामयाबी चुमती है सदा क़दम उनके , मेहनत के दम पर मुकाम हासिल करने वालों कॊ ! जीवन में हमेशा ऊँचा सोचे बड़ा सोचे और अपने लक्ष्य कॊ प्राप्त करने के लिए हमेशा तत्पर रहे। हाँ ये हो सकता है की अभी हालात आपके अनुकूल न हो और तत्काल की परिस्तिथिया आपके मन में संदेह पैदा कर रही हो या फ़िर आपकॊ ऐसा लग रहा हो की आपने जो निर्णय लिया है या जो राह चुनी है क्या वो सही है या नही ? क्या आपको उसमे सफलता मिलेगी या नही ? अगर विफलता हुई तो क्या होगा ? लोग क्या सोचेंगे ?
हार के बाद अपनो सॆ कैसे नज़र मिलाऊंगा ? बैगरह…बैगरह !! ऐसी बहुत सारी बाते मन में भ्रम पैदा करती है और कभी कभी इन्ही सारी बातो कॊ उधेड़बुन करते करते हम भ्रमित हो जाते है और हम राह भटक जाते है पर अगर हमें खुद पर है भरोसा है तो विश्वास कीजिए एक दिन आपको अपने मकसद में कामयाबी ज़रूर मिलेगी और आप एक न एक दिन आप अपनी मंजिल ज़रूर पायेंगे ।भले आपके अपने साथ नही दे रहे आप पर विश्वास नही कर रहे हो लेकिन ,किन्तु ,परंतु आपके अपने काम के प्रति लगाव ,परिश्रम ,लग्न और कर्मठता कॊ देख कर एक दिन वो भी आपका साथ ज़रूर देंगे पर सबसे पहले खुद पर विश्वास होना चाहिए तब ही तो आप दुसरो कॊ भी भरोसा दिला पाएंगे । “भरोसा खुदा पर हो तो जो भाग्य में लिखा हो तो वही पाओगे , मगर भरोसा अपने आप पर हो तो खुदा वो लिखने पर मज़बूर हो जाएगा जो आप चाहोगे ! ” इस जगत में बहुत सारे महान कर्मठी विभूतिवानो की गाथाएँ है जिन्होने ये साबित कर दिया की इन्सान चाहे तो अपने मेहनत के बल पर कुछ भी हासिल कर सकता है । जी हाँ कड़ी मेहनत के आगे भाग्य कॊ अपना निर्णय बदलना ही पड़ता है ! किसी ने क्या खूब कहा है “कौन कहता है आसमां में सुराख नही हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालों यारो” ऐसी बहुत सारे महान हस्तियों ने इस धरती पर जन्म लिया और जिन्होंने ने ये साबित कर दिया की जहाँ चाह है वही राह है !हम अक्सर महान और ऊँचे हस्तियों की चमकधमक देखते है पर उनके पांवों में पड़े छालो कॊ हम नही देखते तो चलिए आज़ हम उन नामचीन लोगो के जीवन के उन पन्नों पर एक नज़र डालेंगे जिन्होंने अपनी संघर्ष की दास्तानें ऐसे लिखी है जिन्हें पढ़कर हमारे मनोबल और आत्मविश्वास ऊर्जावान हो जाएगा ! पेश है पूजा गुप्ता द्वारा संग्रहीत की गई हुई मशहूर हस्तियों के कामयाबी के चमचमाताएं हुए दिन से पहले संघर्षपूर्ण रात की एक रिपोर्ट !
(1)इस सदी के महानायक अमिताभ बच्चन कॊ भला कोई बिरले ही नही जानता होगा ।आप अपनी बुलंद आवाज़ के लिए पूरे विश्व में जाने जाते है पर अपनी शुरुवाती दौड़ में ऑल इंडिया रेडियो में नौकरी नही मिली और संघर्ष के दौड़ में पैसों की तंगी की वज़ह से मरीन ड्राईव की बेंच पर कई रातों तक सोए । (2 )बॉलीवुड के सदा बहार अभिनेता के रूप में देवानंद जी कॊ याद किया जाता है ।पर शायद ही किसी कॊ ये मालुम होगा की अपने शुरू के दिनों में इन्होंने 85 रुपय की नौकरी की थी ।(3)पद्द श्री नेशनल अवार्ड दादा साहेब फ़ालके और फ़िल्म फेयर अवार्ड के विंनर मनोज कुमार जी अपने प्रारम्भ के दिनों में महज’ 11′ रुपए में भूतों की कहानियाँ लिखा करते थे ! (4)बॉलीवुड के पहले सुपरसितारे 3 फ़िल्मों फेयर अवार्ड विनर राजेश खन्ना जी गोद लिए हुए बेटे थे ।ऑल इंडिया टेलेंट कॉन्टेस्ट जीते पर फ़िल्म शुरू नही हो पाई ,जिसके बाद करीब दो सालो तक काफ़ी संघर्ष किया और कितनी राते केवल इन्होंने पानी पीकर रात काटी । (5)हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री का जाना..माना नाम रजनीकांत जी कॊ इनके सुकर्मों के कारण ही लोग इन्हे भगवान की तरह पूजते है पर एक ऐसा भी दौड़ था इनके जीवन का जब इन्होंने कुली ,बढ़ई बस कंडक्टर तक की नौकरी करनी पड़ी थी । (6)बेस्ट कॉमेडियन के लिए पूरे 4बार फ़िल्म फेयर अवार्काड से सम्मानित आदरणीय महमूद जी ने अपने शुरू के दिनों में ड्राइवर और कसाई का काम किया करते थे । (7)फ़िल्म फेयरऔर आईफा अवार्ड हासिल किये बोमन ईरानी जी पहले मुम्बई के ताज़ होटल में वेटर का काम किया करते थे । Thurs 16:08 (8)बॉलीवुड के बेस्ट म बेस्ट डानसर का तमगा हासिल करने वाले धर्मेश येलेनडे ने अपनी शुरुवाती दौड़ में एक प्राईवेट कम्पनी में चपरासी का काम किया करते थे । (9)पद्द श्री से सम्मानित 2फ़िल्म फेयर और नेशनल अवार्ड विनर सुनील दत्त अपने दौड़ में पाकिस्तान से अलग होने के बाद भारत आए !फुटपाथ पर सोए और मुम्बई में बेस्ट बस सर्विस में काम भी किया । (10)आज़ के दौड़ के सबसे बड़े कोमेडियन कपिल शर्मा कॊ भला कौन ना जानता होगा पर शायद कोई जानता होगा की उन्होंने छोटे से उम्र में अपने पिता कॊ खो दिया और घर सम्भालने के लिए जागरण में गाने गाया करते थे । (11)मुन्ना भाई फ़िल्म में सर्किट का रोल यादगार बनाने वाले अरशद वारशी पहले मुम्बई के बसों में लिपस्टिक और नेलपोलिश बेचते थे । (12)पद्द श्री अवार्ड हासिल करने वाले अक्षय जो आज़ हर फ़िल्म में 40 से 45 करोड़ रुपय लेते है !जो कभी बेकॉक के होटल में वेटर हुआ करते थे । (13)दुनिया में सबसे ज्यादा टेक्स भरने लोगो में से मिथुन चक्रवती जी का भी नाम आता है ।बॉलीवुड में आने से पहले naxalite थे । (14)नेशनल अवार्ड विनर और मजे हुए एक्टर के रुप में फ़ेमस नवाज़उद्दीन सिधीकी अपने शुरुवाती दौड़ में चौकीदारी का काम किया करते थे । (15)जुरासिक वर्ल्ड में एक्टिंग कर के दुनियाभर में सुर्ख़ियां बटोरने वाले इरफान खान की जीवन से सबसे रोचक बात यह है की कभी इनके पास जुरासिक पार्क फ़िल्म देखने के लिए पैसे तक नही थी । मंजिल से सफ़र ज्यादा सुहावना होता है ! अगर आप असफल हुए है तो इसका मतलब यह नही की आप मूर्ख है ।आप में इतनी समझ आ गई है की आप नाकामयाबी के कारण जान सके और नये रास्ते खोज सके ।


