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नेपाल और भारत वीन–वीन पोजिसन में रहना चाहिएः राजदूत पुरी

काठमांडू, २६ जनवरी । नेपाल के लिए भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी को कहना है कि भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपीशर्मा ओली के बीच विशिष्ठ संबंध है । उन्होंने यह भी कहा है कि अब बननेवाला सरकार को भारत की ओर से पूरा समर्थन रहेगा और भारत हर तरह का सहयोग करने के लिए तैयार है । काठमांडू में विहीबार आयोजित साक्षात्कार कार्यक्रम में राजदूत पुरी ने यह बात बताया है । राजदूत पुरी ने कहा कि चुनाव संपन्न होने के बाद दो बार भारतीय प्रधानमन्त्री मोदी ने एमाले अध्यक्ष ओली को टेलिफोन किया है । उनका कहना था कि प्रधानमन्त्री मोदी ने ओली को भावी प्रधानमन्त्री के रुप में अग्रिम बधाई भी दिया है ।
कार्यक्रम को संबोधन करते हुए राजदूत पुरी ने कहा– ‘नेपाल में बननेवाला नयां सरकार से भारत सुमधुर और प्रगाढ़ संबंध चाहता है । इसका संकेत हमारे प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने एमाले अध्यक्ष केपीशर्मा ओली से संवाद कर दे चुके हैं ।’ उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद सभी शीर्ष नेताओं को मोदी ने टेलिफोन किया है । राजदूत पुरी ने कहा– ‘इस बीच में उन्होंने ओली को दो–दो बार फोन किया है, यह भी विशिष्ठ संबंध का एक संकेत है ।’ दो देशों के बीच रही आपसी संबंध मजबूत बनाने के लिए आपसी सहकार्य पर जोर देते हुए राजदूत पुरी ने कहा– ‘नेपाल और भारत एक–दूसरे के बीच ‘विन–विन’ पोजिसन में होना चाहिए, उसी के आधार में आर्थिक सहकार्य को आगे बढ़ाना चाहिए ।’
कार्यक्रम में बोलते हुए राष्ट्रीय जनता पार्टी के नेता राजेन्द्र महतो ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच विशिष्ठ संबंध है । नेता महतो को मानना है कि ‘राष्ट्रवाद’ का अनावश्यक मुद्दा ही नेपाल को आर्थिक रुप में कमजोर बना रहा है । उन्होंने कहा– ‘हमारे बीच द्विपक्षीय संबंध विशिष्ठ है । लेकिन अनावश्यक रुप में उठनेवाला राष्ट्रवादी मुद्दा के कारण संबंध को कमजोर बना रहा है ।’ कार्यक्रम में नेपाली कांग्रेस के नेता तथा पूर्व परराष्ट्रमन्त्री डा. प्रकाशशरण महत ने कहा कि नेपाल और भारत दोनों को आपसी संवेदनशीलता समझना चाहिए और उसीके अनुसार चलना चाहिए ।
इसीतरह एमाले सचिव प्रदीप ज्ञावली का कहना है कि भारत के साथ नेपाल का जो संबंध है, वह उच्च प्राथमिकता में है । सचिव ज्ञावली ने आगे कहा– ‘भारत और चीन दोनों हमारे पड़ोसी मुल्क है, दोनों देशों के साथ मजबूत संबंध हम चाहते हैं ।’ कार्यक्रम में भारत के लिए पूर्व नेपाली राजदूत एवं परराष्ट्रविद् प्रा. लोकराज बराल ने कहा कि नेपाल और भारत बीच जो संबंध है, पुराने माईण्डसेट के अनुसार अब नहीं चल सकता ।

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