सिर्फ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर वैठाने के लिए समर्थन नहीं : महतो
काठमांडू: सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट उन लोगों को समर्थन नहीं करेगा जो फ्रौन्ट और एकीकृत सीपीएन – माओवादी के बीच हस्ताक्षरित चार सूत्री समझौते को ‘राष्ट्र विरोधी’किए करार दिया था ।नेपाली कांग्रेस, सीपीएन – यूएमएल और माओवादी पार्टी मोहन बैद्य समूह ने इसे राष्ट्र विरोधी समझौता कहकर विरोध किया था ।
एक बातचीत के दौरान महतो ने कहा मधेशी फ्रौन्ट नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला को नया प्रधानमंत्री बनाने के लिये तभी समर्थन करगा जब वे चार सूत्री समझौता पर राजी हो जयेंगे । जो माओवादी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के लिए आधार था ।”चार – सूत्री समझौता दूसरों को समर्थन के लिए हमारा मुख्य आधार है । उन्होंने कहा कि हम उनलोगों को कदापि समर्थन नही करेगें है जो मधेश को पांच प्रदेश मे विभाजित करना चाहते हैं । “नेकां और यूएमएल मधेश को पांच प्रदेश मे विभाजित करना चाहता है ।
महतो जो बाबूराम भट्टराई के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ और जनसंख्या मंत्री हैं ने कहा कि क्या कारण है कि चार सूत्री समझौते को लागू नहीं किया गया ? और इसे क्यों कुछ दलों ने राष्ट्र विरोधी करार दिया था ? उनका मानना है कि किसी भी पार्टी को फ्रौन्ट समर्थन दे सकता है जो एक या दो मधेश प्रदेश के लिए अपना रुख स्पष्ट करेगा।
“हम संघीय, लोकतांत्रिक संविधान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं । महतो ने कहा कि हम किसी को सिर्फ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर उसे स्थापित करने के लिए समर्थन नहीं कर सकते । उनका कहना है कि नई संविधान सभा के चुनाव की तारीख की घोषणा, समानुपातिक प्रतिनिधित्व और सीए सीटों की प्रतिशत, संविधान निकायों में रिक्त पदों के भरने और चुनाव सरकार की सहमति के माध्यम से गठन के एक पैकेज में निपटा जाना चाहिए ।

