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भारत नेपाल के रिश्ते अटूट, हिमालिनी लोकार्पण में भारत के पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजय पासवान

 
भारत नेपाल के रिश्ते अटूट, हिमालिनी लोकार्पण में भारत के पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजय पासवान

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । भारत तथा नेपाल का रिश्ता रामायण काल से हैं। इस रिश्ते को कोई तोड़ नहीं सकता हैं। रामायण आज भी दोनों देशों में पूजनीय हैं। उपयुक्त बातें भारत सरकार के पूर्व मंत्री, भाजपा के बरिष्ठ नेता बिधान पार्षद डॉ. संजय पासवान ने गुरुवार को जनकपुरधाम में हिमालिनी हिन्दी मासिक पत्रिका के बिबाह पंचमी महोत्सव बिशेषांक के लोकार्पण समारोह में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में वोलते जाने वाली तीसरी भाषा हिंदी हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्र, पत्रिका दोनों देशों के संबंध को और प्रगाढ़ करते हैं। इस अवसर पूर्व मंत्री सुरीता साह ने कहा कि नेपाल में हिन्दी बोलने बाले को भारतीय कहकर अपमानित करते हैं। लोसपा के धनुषा जिला अध्यक्ष तथा बिधायक परमेश्वर साह ने इस अवसर पर कहा कि हिंदी को संपर्क भाषा वनाने के लिए लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी सदन में शुरू से आवाज उठा रही हैं। बरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर नेपाली ने कहा कि हिन्दी पत्र, पत्रिका को भारतीय दूतावास नहीं सहयोग कर रहा है। गैर हिन्दी भाषा पत्रिका को ही महत्व दे रहे हैं। पूर्व सांसद तथा लोसपा के बरिष्ठ नेता डॉ. विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न लोकार्पण कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी विचार मंच नेपाल के अध्यक्ष सत्य नारायण साह, लोसपा सहकारी प्रमुख संजय कुमार साह, जेसीज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार साह लोसपा के नगर अध्यक्ष राम चंद्र पंजियार, पत्रकार ओम प्रकाश साह, साहित्यकार सुदर्शन लाल कर्ण , पत्रकार विंद प्रसाद साह, मिश्री लाल मधुकर सहित कई लोगो ने बिचार रखें।

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