जनमत के उम्मीदवारी से गठबन्धन में असन्तुष्टि
काठमांडू, माघ ९– राष्ट्रीय सभा निर्वाचन के लिए जनमत द्वारा दिए गए उम्मीदवारी से गठबन्धन में असन्तुष्टि है ।
डॉ.सिके राउत नेतृत्व के जनमत पार्टी ने राष्ट्रीय सभा के निर्वाचन में सत्ता गठबन्धन से एक सीट की मांग करती आ रही थी लेकिन सीट नहीं मिली तो मधेस प्रदेश में और लुम्बनी प्रदेश में एक–एक सीट में उम्मीदवारी दर्ता की है ।
सत्ता गठबन्धन में ही रहकर जनमत पार्टी ने अपना अलग से जो उम्मीदवारी दर्ता की है उसके बाद से गठबन्धन के भीतर ही दलों के बीच में असन्तुष्टि देखी जा रही है । सत्ता गठबन्धन में जनमत पार्टी ने संघ में एक मन्त्री सहित योजना आयोग के सदस्य पद समेत पाई है ।
इसी तरह मधेस प्रदेश में दो मन्त्री और निति आयोग में एक सदस्य भी प्राप्त है । सत्ता गठबन्धन में रहे अन्य दलों ने जनमत के क्रियाकलाप से असंतुष्टि जताई है । मधेस प्रदेश में राष्ट्रीय सभा के दो सिटों में जनमत ने ले अन्य से राम शंकर महासेठ को उम्मीदवार बनाया है । गठबन्धन से उसी पद में नेपाली काग्रेस के आनन्द प्रसाद ढुगाना उम्मीदवार बने हैं ।
मधेस प्रदेश में दलों के मतभार को देखते हुए नेपाली काँग्रेस पहली शक्ति है । काँग्रेस के पास ३ हजार १ सौ ६१ मत भार है । प्रमुख प्रतिपक्षी नेकपा एमाले के पास २ हजार ३ सौ ५५ मतभार है ।
जनमत पार्टी का मतभार ७ सौ ४६ है । गठबन्धन में दलों नेपाली काँग्रेस,जनता समाजवादी पार्टी,लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी,एकिकृत समाजवादी पार्टी ,नेकपा माओवादी केन्द्र ,नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के मतभार को जोड़कर ७ हजार ५ सौ ४१ पहुँचता है । ऐसे में जनमत ने गठबन्धन में रह कर ही उम्मीदवारी देने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ता है लेकिन फिर भी गठबन्धन में रहकर जनमत ने अपनी उम्मीदवारी देकर मधेस के अधिकार और पहचान के लिए जहाँ भी रहेगे वहाँ से विद्रोह करने का सन्देश देने के प्रयास में है ।
नेपाली काँग्रेस के सहमहामन्त्री महेन्द्र यादव का कहना कि जनमत पार्टी में राजनितिक परिपक्ता का आभाव दिखता है ।
जनमत पार्टी सबसे ज्यादा आक्रमक रुप में जसपा प्रति प्रस्तुत होती हाई है । मधेस में जनमत ने उसे अपने प्रतिस्पर्धी शक्ति के रुप में मानती आई है । ३ गते मुख्यमन्त्री के कार्यक्रम में भी उसने विरोध प्रदर्शन किया था ।


