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रसुवा बाढ़ त्रासदी: मधेश के 162 लोग अब भी लापता

 

15 भाद्र।

नेपाल के रसुवा जिले में 10 भाद्र को आई विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ के बाद मधेश प्रदेश के 162 लोग अब भी लापता हैं। परिवारों की उम्मीदें हर गुजरते दिन के साथ टूटती और जुड़ती जा रही हैं। कोई सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगा रहा है, तो कोई घटनास्थल तक पहुंचकर अपने प्रियजनों की तलाश में भटक रहा है।

धनुषा जिले के कमला नगरपालिका निवासी 30 वर्षीय इंजीनियर अजय प्रसाद सिंह दोसान हाइड्रोपावर परियोजना में कार्यरत थे। बाढ़ आने के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

अजय की पत्नी पूजा सिंह, जिन्होंने एक महीने पहले ही बेटी को जन्म दिया है, लगातार अपने पति के लौटने की उम्मीद में हर खबर और सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखे हुए हैं।

पूजा ने भावुक अपील करते हुए लिखा,

“आज का दिन भी बीत गया, लेकिन मेरे पति की कोई खबर नहीं मिली। उनके कैंप के पश्चिम-उत्तर हिस्से तक अभी तक बचाव दल नहीं पहुंचा है। मुझे विश्वास है कि वे अब भी बचाव की उम्मीद में कहीं जीवित होंगे। भगवान उन्हें सुरक्षित रखें और कृपया बचाव दल जल्द से जल्द वहां पहुंचे।”

अजय और पूजा ने करीब एक वर्ष पहले अंतरजातीय विवाह किया था। उनकी एक महीने की मासूम बेटी अपने पिता की राह देख रही है।

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सप्तरी जिले के विष्णुपुर गांवपालिका निवासी इंजीनियर अजय कुमार यादव, जो रसुवा के उत्तरगया गांवपालिका स्थित नीलकण्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे, भी बाढ़ के बाद से लापता हैं।

उनके बड़े भाई श्यामसुंदर यादव रसुवा पहुंचकर उनकी तलाश कर रहे हैं और सभी से खोज एवं बचाव अभियान तेज करने की अपील कर रहे हैं।

मधेश प्रदेश पुलिस कार्यालय के अनुसार, रसुवा बाढ़ में कुल 192 लोग लापता हुए थे। इनमें से 30 लोगों का संपर्क हो चुका है, जबकि 162 लोग अब भी लापता हैं।

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जिला अनुसार लापता लोगों की स्थिति

जिला कुल लापता संपर्क में आए अब भी लापता
सप्तरी 49 1 48
पर्सा 40 2 38
बारा 25 2 23
रौतहट 19 6 13
सर्लाही 19 3 16
महोत्तरी 17 7 10
धनुषा 13 6 7
सिरहा 10 2 8

परिवारों की बढ़ती बेचैनी

पुलिस के मुताबिक, लापता लोगों के परिजन लगातार लिखित आवेदन, फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रियजनों की तलाश की गुहार लगा रहे हैं। कई परिवार स्वयं रसुवा, त्रिशूली, बेत्रावती, टिमुरे, धुन्चे और स्याफ्रुबेँसी जैसे प्रभावित इलाकों तक पहुंच चुके हैं।

जैसे-जैसे हादसे को कई दिन बीतते जा रहे हैं, परिवारों की उम्मीद के साथ निराशा भी बढ़ती जा रही है।

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सुरक्षाकर्मी भी लापता

रसुवा में राहत और सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात मधेश प्रदेश के कई सुरक्षाकर्मी भी इस आपदा की चपेट में आए।

  • मधेश प्रदेश पुलिस के 9 कर्मियों में से 6 का संपर्क हो चुका है, जबकि 3 अब भी लापता हैं।

  • नेपाली सेना के मधेश प्रदेश से जुड़े 3 जवानों में से 1 सुरक्षित संपर्क में आया, जबकि 2 सैनिक अब भी लापता बताए गए हैं।

किन इलाकों में काम कर रहे थे लापता लोग?

पुलिस के अनुसार, अधिकांश लापता लोग रसुवा और नुवाकोट में जलविद्युत परियोजनाओं, सड़क निर्माण, होटल, परिवहन और अन्य विकास कार्यों में कार्यरत थे। कई लोग बाढ़ के समय टिमुरे, धुन्चे, स्याफ्रुबेँसी, त्रिशूली और बेत्रावती क्षेत्रों में मौजूद थे और तभी से उनका कोई पता नहीं चल सका है।

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