आखिर कब खुलेगा काठमांडू-मुग्लिन रोड ? क्या है कृष्णभीर का विकल्प ?
काठमांडू, नेपाल12 सितंबर 2026 । धादिंग के कृष्णभीर में भूस्खलन हुए 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पृथ्वी राजमार्ग के खुलने का अब तक कोई अता-पता नहीं है। इससे काठमांडू घाटी की आपूर्ति और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आइए जानते हैं इस समस्या और इसके विकल्पों से कुछ प्रमुख पहलुओं की वर्तमान स्थिति:

कृष्णभीर से सड़क कब खुलेगी?
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13 दिन बीतने के बाद भी पृथ्वी राजमार्ग के खुलने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं है।
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वर्तमान में पहाड़ काटकर लगभग 250 मीटर का नया ट्रैक बनाने का काम जारी है, जिसमें 10 मशीनें और 30 कर्मचारी लगाए गए हैं।
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पूर्वाधार विकास मंत्री सुनील लम्साल के अनुसार, यह कोई स्थायी समाधान नहीं है क्योंकि कृष्णभीर में फिर से भूस्खलन होने का भारी जोखिम बना हुआ है।
कृष्णभीर का विकल्प पहले क्यों नहीं बना?
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एक दशक पहले ही त्रिशूली नदी के पार एक समानांतर सड़क बनाने की योजना विश्व बैंक के सहयोग से शुरू की गई थी।
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सिस्ने-धार्के (4 अरब 30 करोड़ रुपये) और विशालटार-फिस्लिंग (6 अरब 5 करोड़ रुपये) के लिए विस्तृत अध्ययन किया गया था।
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जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की भारी लागत के कारण यह योजना रुक गई। जुलाई 2018 में बनी इसकी रिपोर्ट हालिया ‘जेन-जी’ आंदोलन के दौरान जल गई थी, और अब सड़क विभाग इसकी सॉफ्ट कॉपी तलाश कर काम आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
अभी सरकार का तात्कालिक विकल्प क्या है ?
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सरकार त्रिशूली नदी के पार बेनीघाट-फिस्लिंग सड़क को तत्काल विकल्प के रूप में विकसित कर रही है।
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दशहरे (दशैं) से पहले इस सड़क के पक्कीकरण (कालोपत्रे) का लक्ष्य रखा गया है ताकि बेनीघाट और फिस्लिंग के पुलों को जोड़कर यातायात बहाल किया जा सके।
इस सड़क से कहाँ-कहाँ जाया जा सकता है ?
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रूट 1: फिस्लिंग पुल पार करके धादिंग के बेनीघाट पुल तक लगभग 17.5 किलोमीटर सड़क का उपयोग किया जा सकता है। इसके 1.5 किमी हिस्से पर ट्रैक खोलने का काम तेजी से चल रहा है।
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रूट 2: मासटार पुल से परेवाटार होते हुए धादिंगबेंसी तक की लगभग 20 किलोमीटर सड़क को भी वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
दीर्घकालिक समाधान क्या है?
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नागढुंगा-मुग्लिन खंड पर सिर्फ कृष्णभीर ही नहीं, बल्कि कई अन्य जगहों पर भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा रहता है।
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मौजूदा त्रिभुवन राजपथ, कांति राजमार्ग और बीपी राजमार्ग बड़े मालवाहक वाहनों के लिए पूरी तरह भरोसेमंद नहीं हैं।


