नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में नई कार्यशैली, पैनल राजनीति से दूरी और युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व
नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में इस बार पिछले महाधिवेशनों की तुलना में कुछ नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। पार्टी नेतृत्व के चुनाव में इस बार ‘पैनल’ बनाकर चुनाव लड़ने की परंपरा को समाप्त करने की तैयारी की जा रही है। पैनल नहीं बनने की स्थिति में महाधिवेशन प्रतिनिधियों को उम्मीदवारों के चयन में अपने विवेक के अनुसार मतदान करने का अवसर मिलेगा।
इस बार महाधिवेशन में दिखावे और तड़क-भड़क के बजाय स्वाभाविक तथा मितव्ययी शैली अपनाई गई है। बड़े-बड़े स्वागत द्वार, होर्डिंग बोर्ड, तोरण और अत्यधिक झंडों से प्रचार करने की परंपरा को लगभग समाप्त कर दिया गया है। उम्मीदवार भी मुख्य रूप से डिजिटल माध्यमों के जरिए अपना प्रचार कर रहे हैं।
‘बदला कांग्रेस, बदलेंगे देश’ और ‘कांग्रेस 2.0’ जैसे नारों के माध्यम से पार्टी को नई शैली और नए सोच के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीदवारों को मतदान स्थल पर पर्चे और पैम्फलेट छापकर वितरित करने की अनुमति नहीं दी गई है।
युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता
इस महाधिवेशन में पार्टी की नेतृत्व संरचना में 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। इसके लिए वार्ड स्तर से लेकर केंद्रीय स्तर तक युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की व्यवस्था पार्टी के विधान में की गई है।
प्रदेशगत और खुले समूहों के माध्यम से युवाओं के लिए केंद्रीय नेतृत्व में आने का रास्ता भी खोला गया है। इसी तरह भद्दे प्रचार-सामग्री और अत्यधिक सजावट की परंपरा को भी इस बार हतोत्साहित किया गया है।
महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र के साथ ही बंद सत्र का आयोजन भी काठमांडू के खुलामंच में ही करने की व्यवस्था की गई है।
डिजिटल दस्तावेज और प्रतिनिधियों की राय का अभिलेखीकरण
लगभग सात हजार महाधिवेशन प्रतिनिधियों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर राजनीतिक, सांगठनिक और नीतिगत दस्तावेजों पर चर्चा कराने की तैयारी की गई है।
बंद सत्र के लिए खुलामंच में ही हिमाल, पहाड़ और तराई-मधेश नाम से अलग-अलग सभागार बनाए गए हैं, जहां प्रतिनिधि दस्तावेजों पर चर्चा करेंगे। राजनीतिक और सांगठनिक दस्तावेज डिजिटल माध्यम से प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
महाधिवेशन प्रतिनिधियों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों और धारणाओं को भी अभिलेख के रूप में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है।
समावेशी प्रतिनिधित्व पर जोर
पिछले पुस में आयोजित विशेष महाधिवेशन के माध्यम से विधान में किए गए संशोधनों को लागू करते हुए इस बार युवा, महिला तथा विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधित्व के संबंध में नए प्रयोग किए जा रहे हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कांग्रेस के विभिन्न स्तरों की समितियों में कम से कम एक-तिहाई महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।
कांग्रेस में सह-महामंत्री की संख्या भी आठ से बढ़ाकर 11 करने की तैयारी है। इनमें समावेशी समूहों से निर्वाचित तथा सभापति द्वारा मनोनीत सदस्य शामिल होंगे।
इसके अलावा विभिन्न पेशों, व्यवसायों और क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले व्यक्तियों को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में लाने का प्रस्ताव है। इसके तहत सात केंद्रीय सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा।
नेपाली जनसंपर्क समितियों से आए महाधिवेशन प्रतिनिधियों में से छह केंद्रीय सदस्य निर्वाचित किए जाएंगे।
इसी तरह दिव्यांग, अल्पसंख्यक तथा पिछड़े क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को केंद्रीय समिति में सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है। श्रमिकों, लोकतंत्र सेनानियों, शहीद परिवारों तथा द्वंद्वपीड़ितों को भी पार्टी की केंद्रीय संरचना में प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया जा रहा है।
232 सदस्यीय होगी केंद्रीय कार्यसमिति
15वें महाधिवेशन के बाद नेपाली कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति को 232 सदस्यीय बनाने की तैयारी है।
प्रस्तावित संरचना के अनुसार, 171 सदस्य निर्वाचित होंगे, जबकि 61 सदस्यों को सभापति द्वारा मनोनीत किया जाएगा।
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह महाधिवेशन केवल नेतृत्व चयन तक सीमित न रहकर पार्टी की कार्यशैली, चुनावी संस्कृति, युवा सहभागिता, समावेशिता और संगठनात्मक संरचना में बदलाव का संकेत दे रहा है। ‘कांग्रेस 2.0’ का नारा इस बदलाव को राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से नई पहचान देने का प्रयास माना जा रहा है।


