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‘नेपाल–भारत के बीच आर्थिक मुद्दों पर साझेदारी होनी चाहिए’

 

लिलानाथ गौतम/काठमांडू, २७ जनवरी ।
नेपाल–भारत मैत्री समाज ने भारत की ६९वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर शनिबार काठमांडू में एक विशेष शुभकामना आदान–प्रदान कार्यक्रम किया । कार्यक्रम के वक्ताओं ने नेपाल–भारत संबंध पर चर्चा करते हुए जोड दिया कि अब नेपाल और भारत के बीच आर्थिक मुद्दों में साझेदारी होना चाहिए, जहां दोनों पक्ष आर्थिक रुप में सबल बन सके । समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी के सभापतित्व में सम्पन्न कार्यक्रम में नेपाल के लिए भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी प्रमुख अतिथि थे ।


कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्वप्रधानमन्त्री तथा नयां शक्ति पार्टी के संयोजक डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा कि भारत की तरह ही नेपाली जनता भी नेपाल में स्थिर सरकार चाहती है और आर्थिक समृद्धि भी । उनका कहना था कि अब नेपाल और भारत के बीच आर्थिक मुद्दा में साझेदारी कर आगे बढ़ना चाहिए । इसीतरह पूर्व पराष्ट्रमन्त्री तथा कांग्रेस नेता डा. प्रकाश शरण महत ने इसी मुद्दा पर जोर देते हुए कहा– ‘भारत में जो विकास हो रहा है, उससे नेपाल को भी कुछ सिखना चाहिए ।’ डा. महता का यह भी कहना था कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास कायम रहना चाहिए ।

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कार्यक्रम को सम्बोधन करते हूए नेपाल के लिए भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि भारत, नेपाल के साथ आर्थिक साझेदारी करने के लिए तैयार हो सकता है । नेपाल–भारत बीच सदियों से जारी संस्कृतिक संबंध पर चर्चा करते हुए राजदूत पुरी ने कहा– ‘लुम्बनी, पशुपति और मुक्तिनाथ को भारत और भारतीय जनता कभी भी नहीं भूल सकते हैं । यही संस्कृतिक संबंध ही नेपाल और भारत को सदियों से जोड़ कर रख रहा है ।’ उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल और भारत के बीच जो कूटनीतिक संबंध हैं, वह भी आगामी दिन में थप मजबूत बन कर आगे बढ़ेगा ।

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कार्यक्रम में अपना मंतव्य रखते हुए पूर्वमन्त्री तथा पशुपति शमशेर राणा ने कहा कि अब नेपाल और भारत के बीच संबंध में नयां आयाम विकास होना चाहिए । संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव का कहना है कि नेपाल भी भारत के साथ–साथ आगे बढ़ना चाहता है, इसके लिए भारतीय सहयोग भी आवश्यक है । कार्यक्रम में पूर्व उपप्रधानमन्त्री तथा माओवादी नेता कृष्ण बहादुर महरा ने कहा कि नेपाली जनता ने की गई हर परिवर्तनकारी आंदोलन में भारत का सहयोग रहा है, इसीलिए भारत नेपाल के लिए एक असल मित्र और पड़ोसी भी है ।

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कार्यक्रम में राष्ट्रकवि माधव प्रसाद घिमिरे, प्रा.डा. जगदिश अग्रवाल को नेपाल–भारत मैत्री समाज की ओर से सम्मान भी किया गया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए दोनों सम्मानित व्यक्तियों ने नेपाल–भारत संबंध पर चर्चा की ।


कार्यक्रम में मंतव्य रखनेवाले कुछ वक्ताओं की विचार (संपादित अंश) हिमालिनी वेभसाइट में क्रमशः प्रकाशित हो रही है, प्रतिक्षा करें–

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