Mon. Nov 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जरा इनकी भी सुनें…

 

मैं दश वर्षकी उमर में ही अच्छी कविता लिख लेता था । लेकिन मेरे दोस्तों को इस पर विश्वास ही नहीं होता था । इससे मुझे सुख और दुख दोनों होता था । दुःख इस अर्थ में कि लोग मेरी क्षमता को नहीं पहचान पा रहे हैं । और सुख इस अर्थ में कि मैं भी बडे कवि की तरह कविता रचने लगा हूँ । कभी-कभी तो मैं उन लोगों को ‘यह कविता मेरी नहीं है, दूसर बडÞे कवि की कविता चुरा कर लाया हूँ’ ऐसा भी बोल देता था ।
– ध्रुवचन्द्र गौतम, साहित्यकार
-८ नवम्बर, नयाँ पत्रिका से)

—————————————————————————————————–

राजनीति सिर्फपद की उपभोगिता ही नहीं है, जनता और कार्यकर्ता के प्रेम और विश्वास को न्याय करने की क्षमता भी है । लेकिन एक दुखद पक्ष- नेपाल की राजनीति में पुरुष पर जितना विश्वास होता है,  महिला पर नहीं किया जाता । हमारी पार्टर्ीीेपाली कांग्रेस में भी इसी तरह की कई महिलाएं हैं, जो पार्टर्ीीे सामने आ नहीं पाती । इसी तरह ०१७ साल में रजा महेन्द्र को काला झण्डा दिखाने का अदम्य साहस करनेवाली शैलजा आचार्य, मंगलादेवी, नोना कोइराला के योगदान का अभी तक कोई कदरनहीं हुआ है ।
-चित्रलेखा यादव
नेतृ नेपाली कांग्रेस
-सौर्य दैनिक से)

यह भी पढें   आर्थिक कारोबार दैनिक के पत्रकार पोख्रेल का सड़क दुघर्टना में मृत्यु

———————————————————————————————————————————————

वक्ता के रुप में कोई भी कार्यक्रम में जाने से पहले मैं पूरी तैयारी करके जाता हूँ । सामान्यतः वह तैयारी करीब एक-डेढ घण्टे की होती है । तीन महिने तक तैयारी करके पाँच मिनेट का भाषण करने का उदाहरण भी मेर पास है । अभी तो किसी समय आकस्मिक भाषण भी करना पडता है । ऐसे समय मैं पर्ूववर्ती वक्ताओं के भाषण में ध्यान देता हूँ और अपने भाषण के लिए विषय चुन लेता हूँ ।
-गगन थापा, नेता नेपाली कांग्रेस
-सौर्य दैनिक से)

यह भी पढें   भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव के बीच मुलाकात, नेपाल–भारत संबंधों पर हुई चर्चा

————————————————————————————————————-

अठारह वर्षवाद पहली बार नेपाल ने बंगलादेश को हराया है । सिर्फमेर गोल के कारण ही बंगलादेश पराजित नहीं हुआ, नेपाल लम्बे समय के बाद पुरुष साफ च्याम्पियनशीप के सेमिफाइनल में पहुँचा । उस समय मेर द्वारा हुए ‘प|mी किक गोल’ संसार के ही उत्कृष्ट पाँचवंे गोल के रुप में परिचित हुआ ।
-सागर थापा
कप्तान-राष्ट्रिय फुटबल टोली
-नवम्बर ९ नया“ पत्रिका से)
—————————————————————————————————-

जब मैंने नाटको में अभिनय करना शुरु किया, निन्दा करनेवाले बहुत सारे हुए । उस समय मिथिला प्रदेश की एक बहू का इस तरह रगकर्मी होना बहुत ही हिम्मत की बात थी । फिर भी मेरे श्रीमान घर के लोगों ने मेरा साथ दिया । मेरी हिम्मत बड। अगर मुझे श्रीमान का साथ नहीं मिलता तो आज मैं एक साधारण गृहमणी के रुप में ही रहती ।
-अनितारानी मण्डल, मिथिला रंगकर्मी
-२४ नवम्बर, नागरिक दैनिक से)

यह भी पढें   जीवन में विश्वास ही प्रेम, प्रार्थना और रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है : बिमल सर्राफ

————————————————————————————————————————————

पुस्तकों से मेरा अति ही लगाव है । जिस समय मैं अध्ययन के लिए बैठता हूँ, बेडरुम में जानेका समय ही भूल जाता हूँ । कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि पुस्तक पढते-पढते सुबह के तीन बज जाते हैं । लेकिन मुझे कुछ पता ही नहीं चलता ।
– हृदयेश त्रिपाठी
भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्री
-नया“ पत्रिका से)

Enhanced by Zemanta

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com