राम मंदिर के निर्माण में सिर्फ पत्थरों का इस्तेमाल
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में सिर्फ पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कहना है श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का। उन्होंने कहा कि पत्थरों से निर्मित मंदिर हजार वर्ष से अधिक समय तक बना रहेगा।
चंपत राय, जो विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी भी हैं, ने कहा कि मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में आइआइटी-चेन्नई और केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआइरआइ) के सदस्यों की राय भी ली जा रही है।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में राय ने कहा कि लार्सन एंड टूब्रो मंदिर का निर्माण करेगी। जमीन की क्षमता की जांच आइआइटी-चेन्नई के इंजीनियर करेंगे। जबकि, सीबीआइरआइ के लोगों की सलाह मंदिर को भूकंपरोधी बनाने के लिए ली जा रही है।
राय ने कहा कि मंदिर के निर्माण में लगभग 10 हजार तांबे की छड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग मंदिर निर्माण में मदद करना चाहते हैं तो वे तांबा दान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पत्थरों से मंदिर का इस तरह से निर्माण किया जाएगा, जिससे कि हवा, पानी और धूप से उसे नुकसान नहीं पहुंचे और मंदिर हजार वर्षो तक यूं ही खड़ा रहे।


