Wed. Oct 7th, 2026
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देश में बढती मंहगाई का असर, सीमावर्ती बाजार में बढता व्यापार

 

काठमान्डू

 

 

पिछले एक महीने में देश में बेतहाशा मंहगाई बढी है । इसका असर सीमा के बाजारों पर दिखने लगा है । जनमानस के अन्दर यह डर बढता जा रहा है कि क्या नेपाल की हालत श्रीलंका जैसी होने वाली है । पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और रक्सौल से सटे बाजार में नेपाली ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। बीते एक सप्ताह में 20 से 25 प्रतिशत तक कारोबार बढ़ा है।  पहले जिन सामान की खरीदारी के लिए भारतीय लोग नेपाल आते थे, उन्हीं चीजों के लिए नेपाली नागरिक भारत के बाजार जा रहे हैं। इसमें काजू, किशमिश, सुपारी, गरम मसाला, मखाना, सूखा मेवा, चप्पल आदि है। नेपाल में इनकी कीमत दोगुनी तक बढ़ गई है।

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सीतामढ़ी के सोनबरसा, भिट्ठामोड़ सुरसंड, बैरगनिया सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली ग्राहकों की भीड़ तीन गुना तक बढ़ गई है। बैरगनिया चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष मो. सलाउद्दीन ने बताया कि किराना सामान की खरीदारी ज्यादा हो रही है।  जयनगर के किराना व्यवसायी  ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा बिक्री बढ़ गई है। पहले जो नेपाली ग्राहक सरसों का तेल एक लीटर खरीदकर ले जाते थे, उनमें से अधिकतर पांच लीटर ले जा रहे हैं।

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रक्सौल में भारतीय मुद्रा में पान मसाला 18 रुपये में मिलता है, जबकि नेपाल में 30 रुपये में है। यहां चावल 60 से लेकर 130 रुपये प्रति किलो है, वही नेपाल में 100 से लेकर 200 में बिक रहा। अन्य खाद्य वस्तुओं का हाल कुछ ऐसा ही है। हाल के कुछ दिनों में दाम में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते रक्सौल में नेपाली ग्राहकों की संख्या बढऩे के साथ वे खरीदारी भी ज्यादा कर रहे। कई तो तस्करी में लग गए हैं। साइकिल पर सामान लादकर ग्रामीण रास्तों से आते-जाते हैं।

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तस्करी रोकने के लिए एसएसबी सतर्क हैं ।

 

 

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