काठमांडू में अम्बेदकर की ६६वीं पुण्य तिथि पर कार्यक्रम आयोजित की गयी
काठमांडू /हिमालिनी संवाददाता । जव तक प्रत्येक भारतवासी को समान अधिकार, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय प्राप्त नहीं होगा। तव तक प्रजातंत्र का कोई अर्थ नहीं है। उपयुक्त पीड़ा भारत के संविधान निर्माता डा. भीम राव अंवेदकर की थी। उपयुक्त बातें राष्ट्रीय एकता अभियान द्वारा काठमांडू मेंआयोजित कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पद से वोलते हुए मधेशी आयोग के सदस्य माननीय सदस्य रेणु साह ने कहीं। उन्होंने कहा कि डा. भीम राव अंवेदकर एक कुशल राजनीति, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक थे। यही कारण है कि इनके विचारों को भारत सहित पूरी दुनिया अम्ल कर रही है। अपने अध्यक्षीय भाषण में राष्ट्रीय एकता अभियान के संयोजक विनय यादव ने कहा कि सनातन हिन्दू धर्म में विकृति तथा विसंगति विरुद्ध में राष्ट्रीय अभियान चलाये थे। उसके यह अभियान २१वीं सदी में सफल होता दिख रहा है। दलित के साथ छूआछूत के कारण ही अम्बेदकर ने बौद्ध धर्म स्वीकार किए।
विनय यादव की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में अभियान के केन्द्रीय सदस्य चंद्र यदुवंशी, मीना देवी साह, युवा अभियंता राजीव देव, राष्ट्रीय अभियान के भ्रातृ संगठन विद्यार्थी परिषद के पप्पू यादव सहित कई लोगो ने बिचार रखें। कार्यक्रम संचालन सूरज रेग्मी ने किया।



