पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा है नोचा पोखर

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर
जनकपुरधाम उप महानगर पालिका वार्ड 20में अवस्थित नोचा पोखरि (सरोवर) नेपाल भारत के पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र वनता जा रहा है। प्राकृतिक छटा तथा तरह तरह के वृक्ष इस पोखरि को चार चांद लगाता है। जनकपुरधाम से जटही सीमा तक जाने बाली सड़क से रूपैठा गांव से पहले महज आधा किलो मीटर पूर्व दक्षिण में अवस्थित इस पोखरि को एक बार देखने के बाद बारबार पर्यटक को आने का मन करता है। ग्रीष्म ऋतु में पर्यटक को मंद मंद हवा तथा वृक्ष की छाया तथा स्वच्छ पानी अपनी ओर लुभाती है। यही कारण है की गर्मी के मौसम मेंपर्यटक इस पोखरि के तट पर गर्मी से राहत पाने के लिए घंटो बैठते हैं। सैकड़ों युवा, युवती यहां पिकनिक मनाने आतेहै। कई यूट्यूब बाले भी इस तालाब के तट पर सूटिंग कर चुके हैं। 21एकड़ में नोचा पोखर है।
नोचा पोखरि का इतिहास – नोचा पोखर का इतिहास काफी पुराना है। संस्कृत के विद्वान विनोद झा बैदिक का मानना है कि प्राचीन मिथिला साधु तथा साध्वी का तपोभूमि था। इसी भूमि पर चुनचुनवती नाम की साध्वी थी। वे घनघोर जंगल में तपस्या की थी। इसलिए इस सरोवर का नाम चुनचुन वती था। कालांतर में इस पोखर के भिंडा पर ब्रह्म स्थान है। ब्रह्म बाबा का नाम नोचा ठाकुर है। इसलिए इस सरोवर का नाम नोचा पोखर के नाम से प्रसिद्ध हो गया है। स्थानीय लोगो का मानना है कि इस पोखर(सरोवर) की खुदाई कब हुयी। किसी को पता नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि देवताओं द्वारा निर्मित नोचा सरोवर हैं।
इस सरोवर की सफाई तथा सौन्दर्यीकरण परजनकपुरधाम उप महानगर पालिका के मेयर मनोज कुमार साह काफी दिलचस्पी ले रहे है। मेयर बनने से पहले वे इसके सौन के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दिए कि बहुत ही जल्द इस सरोवर में नौका की व्यवस्था की जाएगी तथा फास्टफूड दूकान के लिए सेड का निर्माण किया जाएगा। अगर इस पर ध्यान दिया जाए तो मिनी भरत ताल बन सकता है।

