राजकुमार जैन राजन ‘बालसाहित्य भूषण’ से हुए सम्मानित
आकोला :
सन 1937 में स्थापित ख्यातनाम संस्था ‘साहित्य मंडल’ श्रीनाथद्वारा (राजस्थान) के संयोजन में दिनांक 6-7 जनवरी को दो दिवसीय ‘श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति एवं राष्ट्रीय बालसाहित्य समारोह’ में देश भर से पधारे रचनाकारों, विद्वानों एवं बाल साहित्य रचनाकारों का सम्मान, पत्र वाचन, अ. भा. कवि सम्मेल आदि आयोजन सम्पन्न हुए।
बाल साहित्य सृजन, उन्नयन, समीक्षा के क्षेत्र में महनीय योगदान के लिए इस भव्य गरिमामय आयोजन में आकोला(चित्तौड़गढ़) के साहित्यकार श्री राजकुमार जैन राजन को ‘बालसाहित्य भूषण’ की उपाधि से संस्थान अध्यक्ष पं. नरहरि ठाकर के करकमलों से समादृत किया गया। इस अवसर पर राजन में ‘संस्कारों के संरक्षण के लिए बालकों का पुस्तक संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक’ विषय पर अपना उद्बोधन दिया, जिसे बहुत पसंद किया गया। एक सत्र में संस्थान ने आपको मंचस्थ विशिष्ट अतिथि के रूप सम्मान प्रदान कर गौरवान्वित किया।
ज्ञातव्य है कि राजन सतत बाल साहित्य सृजन, सम्पादन, प्रकाशन के साथ ही बाल साहित्य उन्नयन में लगे हुए हैं।शताधिक सम्मानों से समादृत राजकुमार जैन राजन की बाल साहित्य की लगभग 41 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं एव देश -विदेश की कई भाषाओं में अनुदित हो चुकी है। आप द्वारा बाल साहित्य में श्रेष्ठ लेखन करने वाले रचनाकारों को सम्मानित करने के लिए प्रतिवर्ष भव्य सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाता है। बालकों में पठन पाठन की रुचि विकसित करने के लिए आप द्वारा विद्यार्थियों, विद्यालयों, बाल कल्याण संस्थाओं, शोधार्थियों को निःशुल्क बाल साहित्य वितरण का कार्य बीस वर्ष से अनवरत किया जा रहा है और अब तक ग्यारह लाख रुपये मूल्य से भी अधिक राशि का बाल साहित्य भेंट कर चुके हैं।
इस अवसर देश के विभिन्न राज्यों से पधारे साहित्य क्षेत्र की वरेण्य हस्तियाँ सर्वश्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा), जितेंद्र चौहान (इंदौर), डॉ.पवन विजय (गाज़ियाबाद)शिव’मृदुल’ (चित्तौड़गढ़), सुभाष चंदर (गाजियाबाद), नीना छिब्बर (जोधपुर), रुद्र प्रकाश गुप्त सरस (हरदोई), प्रकाश तातेड़, तरुण दाधीच, इंद्र प्रकाश श्रीमाली, मंजू चतुर्वेदी (उदयपुर), डॉ. सत्य नारायण सत्य (रायपुर), उपेंद्र अणु (ऋषभदेव), डॉ कैलाश गुप्त (मुरैना), शशि लाहोटी (कोलकाता), कलावती कर्वे (कुछ बिहार) आदि की उपस्थिति थे।
इस गौरवशाली आयोजन व सम्मान के लिए संस्थान के अध्यक्ष पं. नरहरि ठाकर, प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश जी देवपुरा सहित संस्थान के सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
इस भव्य, गरिमामय आयोजन में राजकुमार जैन राजन को मिले इस सम्मान के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, मित्रों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई व्यक्त की।*
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