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संस्कृति विषय पर संगोष्ठी तथा चार जिला के पचास साहित्यकार सम्मानित

 
मलंगवा । दिनांक 2080 अषाढ़ 23 गत्ते शनिवार के दिन सर्लाही जिला के सदर मुकाम मलंगवा के जिला विकास के सभा कक्ष में सरस्वती राजनारायण प्रतिष्ठान द्वारा पूर्व नियोजित कार्यक्रम ‘ संस्कृति विषय पर संगोष्ठी ‘ आयोजन किया गया। इस में धनुषा, महोत्तरी, सर्लाही और रौतहट के सत्तर से अधिक साहित्यकारों की उपस्थिति रही।
सरस्वती राजनारायण प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष श्री चन्देश्वर रौनियार जी के अध्यक्षता में संचालित इस संगोष्ठी के प्रमुख अतिथि के रूप में श्री कौशल किशोर सिंह ( जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष ) थें तो वही श्री रामेश्वर रौनियर जी, श्री महेश्वर राय जी, श्री अयोध्यानाथ चौधरी जी, श्री चंद्रशेखर राय चमन जी, डा कमलेश्वर सिन्हा जी, श्री रामचंद्र महतो जी, श्री गेहनाथ ढकाल जी, श्री गणेश कुमार लाल जी, श्री शिवचंद्र चौधरी जी, श्री संजय साह मित्र जी, श्री किसुन दयाल यादव जी, अजय कुमार झा लगायत के गणमान्य लोग थें।
  संस्कृति के बारे में अनंत व्याख्या, विश्लेषण, तर्क और तथ्यात्मक मंतव्य, विचार, कविता और लेख प्रस्तुत किया गया। इस क्रम में मलंगवा नगर पालिका पर बने गीत प्रस्तुत कर सबको अचंभित कर दिया गया। संस्कृति के संवाहक भाषा होने के कारण दोनों में सामन्जस्य होना अनिवार्य है। विराट मधेसी संस्कृति को समग्रता में सम्बोधन करने की क्षमता किसी भी एक भाषा में नहीं है। अतः हम मधेशीयों के लिए एक सर्वमान्य सांस्कृतिक भाषा को खोजना अति आवश्यक दिखाई देता है। मधेस को सामाजिक रूप से जोड़ने तथा वैचारिक प्रवाह, संप्रेषण और समग्र संबोधन के साथ भावनात्मक आत्मीयता कायम कर अपनी सभ्यता और अस्तित्व को सुरक्षित करने के लिए भी एक सर्वमान्य सांस्कृतिक भाषा को मान्यता देना होगा। वही समाज और कम सुरक्षित रहती है जिसके विद्वान नेता भावी दुर्घटना को समय से पहले ही भापकर प्रतिरक्षा के तत्पर रहता है। आपसी सहमति, सद्भाव और सह अस्तित्व को सम्मान कर सर्वजन हिताय की सोच रखता है। उपरोक्त विचार आज के सांस्कृतिक विषयक संगोष्ठी में अभिव्यक्त विचारों के संकर्षित रूप है। उक्त कार्यक्रम में चालीस साहित्यकारों को बज्जिका सम्मान से नवाजा गया। जिसमें साहित्यकार श्री रामचंद्र महतो कुशवाहा जी को रु १५००० पंद्रहजार सहित आनंदीदेवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया तो वहीं श्री राम प्रीत महतो जी को रु १५००० पंद्रहजार सहित वीणा देवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन दोनो के लिए विशेष अभिनंदन पत्र भी अर्पण किया गया। साथ ही जनकपुर से गए साहित्यकारों श्री महेश्वर राय जी, श्री अयोध्यानाथ चौधरी जी, श्री चंद्रशेखर राय चमन जी, श्री राम चरित्र ठाकुर जी तथा अजय कुमार झा को भी अभिनंदित किया गया। सहज और सौहार्दपूर्ण माहौल में उद्घोषक श्री विनोद महतो जी के द्वारा संचालित यह कार्यक्रम निर्धारित समय 12 :15 बजे शुभारंभ होकर 5:00 सभाध्यक्ष श्री चंदेश्वर रौनियार जी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन सहित समापन का घोषणा किया गया।

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