Mon. Oct 12th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कपिलवस्तु मे अस्थायी शिक्षक आन्दोलित, बन्द होंगे बिद्यालय के पठन—पाठन

 

Teachers_Photo1[1]मनोज कुमार ओझा , कपिलबस्तु, ९ अगस्त ।
कपिलवस्तु में आयोजित एक कार्यक्रम के सहभागियों ने शिक्षा सेवा आयोग से सिफारिस होने के बाद आनेवाले शिक्षकों का विद्यालयों में कार्यरत अस्थायी शिक्षकाें को  विस्थापित न करने के तरह से दरबन्दी मिलान करने का जोडदार मांग किया है ।
कपिलबस्तु जिले के बहादुरगञ्ज में गुरुवार के दिन आयोजित वृहद बैठक में सहभागी पश्चिमी क्षेत्र के कई बिद्यालयों के कार्यरत शिक्षक, कर्मचारियों ने खुद को सरकार के द्वारा उपेक्षित किए जाने की बातों को बताते हुए सम्पूर्ण पीडित शिक्ष्ँक तथा बिद्यालय परिवार ने अपने पेशागत सुरक्षा की गारेन्टी का मांग करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन पत्र सौंपा है । शिक्षकों में विभेदीकरण करने वाली पदें अस्थायी, राहत, पीसीएफ, बालविकास, विद्यालय कर्मचारी और कार्यालय सहयोगी समेत का निश्चित दरबन्दी कायम रखने के लिए कार्यक्रम के सहभागियों ने संगठित आवाज उठाया है । कार्यक्रम के सहभागियों ने सरकार को पेशागत हक हित सुनिश्चित करके शान्ति सुरक्षा का प्रत्याभूति दिलाने का जिक्र भी किया है ।
शिक्षकों ने शुक्रवार के दिन जिले के समस्त शिक्षकों को एकत्रित करके बुद्ध पद्म उच्च मा.बि के प्राङ्गण में १३ सदस्यीय पीडित शिक्षक एवं बिद्यालय कर्मचारी संघर्ष समिती का गठन किया । जिसके संयोजक पद के लिए मनोज कुमार ओझा का सर्वसम्मती से चयन किया गया । गठन किए गए समिती के उप—संयोजक पद के लिए बिक्रान्त मिश्र, सचिव पदपर अर्जुन खनाल, सह—सचिव पदपर कमला भण्डारी तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए गंगाराम यादव का सर्वसम्मती से चयन किया गया और समिती के सदस्यों में प्रमोद कुमार मिश्र, लीना श्रेष्ठ, मो.सलीम, दिलीप कुमार सिंह, राम सरन चौधरी, पारस हरिजन, लेखनाथ घिमिरे, और ओम प्रकाश श्रेष्ठ हैं । साथ ही समिती गठन करने के तुरन्त बाद सलाहकार समिती का भी गठन किया गया । जिसमें पूर्णानन्द मिश्र, राम उग्र कुर्मी, रेशम लाल गैरे, दिलीप गुप्ता, बिमल आचार्य, परमेश्वर दयाल मिश्र, बंशीधर हलवाई, परिपूर्णानन्द मिश्र, अनूप श्रीवास्तव और राम दास यादव को सलाहकार में रखा गया है ।
समिती गठन के बाद पीडित शिक्षक संघर्ष समिती ने पत्राचार के माध्यम से जिला शिक्षा कार्यालय में पहुंचकर जिला शिक्षा अधिकारी, स्थानीय बिकास अधिकारी, प्रमुख जिला अधिकारी, राजनैतिक दल, सरकारी बिद्यँलय, संघ संस्था तथा अन्य सम्बन्धित निकायों को सुचित किया गया । पत्र में २६ गते से समस्त सरकारी बिद्यालयों के पठन—पाठन को बन्द करने तथा शिक्षा सम्बन्धि सभी कार्यो को बन्द करने के आग्रह के साथ साथ जिल्ला शिक्षा कार्यालय मे धरना देने के कार्यक्रम को भी उल्लेख किए जाने की जानकारी भी संघर्ष समिती संयोजक मनोज कुमार ओझा ने दिया । समिती के संयोजक ओझा ने बताया कि,“रिले अनशन जारी करने के २ सौ ३४ दिनों के बाद भी अस्थायी शिक्षकाें के मांगो का सरकार ने कोई कदर नही किया । सेवा अवधि गण्ँना करके अस्थायी शिक्षकों को प्रक्रिया पहुंचाकर स्थायी करने का मांग लेकर बैठे शिक्षक भाईयों को सरकार के द्वारा नजरअन्दाज आखिर क्यों किया जा रहा है ? कही इसलिए तो नही क्योंकि ओ शान्ति प्रक्रिया से आन्दोलनरत हैं ? अस्थायी शिक्षक आन्दोलन केन्द्रीय समिति के अगुवाइ में पिछले पुस ३ गते से अस्थायी शिक्षक भाईयों ने रत्नपार्कस्थित शान्तिवाटिका में रिले अनशन करते आ रहे हैं । अनशनकर्मियों ने किसी भी तरह से अस्थायी शिक्षकों को न हटाए जाने, शिक्षा नियमावली से करार शिक्षक का व्यवस्था हटाए जाने और संशोधित शिक्षा ऐन, २०६३ का कार्यान्वयन किए जाने का मांग सरकार से किया है । अनशनकर्मी सूर्यप्रसाद तिवारी ने जारी आन्दोलन को दबाने के लिए सरकार के द्वारा बारम्बार सहमती करने और कार्यान्वयन न करने का बात भी कहा है ।
अगर इसी तरह जायज मांगो को नजरअन्दाज कर दिया गया तो इसी सावन २६ गते से विद्यालयाें के सम्पूर्ण शैक्षिक कार्यक्रम को बन्द करके सशक्त आन्दोलन में उतरा जाएगा ।”
कपिलबस्तु में जारी आन्दोलन के आगाज के बैठक में कृष्णनगर, गणेशपुर, बहादुरगञ्ज, चन्द्रौटा, महराजगञ्ज स्रोतकेन्द्र लगायत जिले के १० स्रोतकेन्द्रों करिब ढाई सौ से अधिक शिक्षक, कर्मचारियों की सहभागिता रही ।
मनोज कुमार ओझा ने कहा कि मैं रोजगारों से रोजगार छिनने वाले उस शिक्षा नीती से यह पूंछना चाहता हुं कि जो शिक्षक अभीतक बिद्यालयों में लोगों को ज्ञान देकर अपने परिवार का जीवनयापन कर रहे थे । शिक्षकों के बेरोजगार हो जाने के बाद उनके परिवार की जिम्मेदारी कौन लेगा ? हर देश हर मन्त्रालय का नीती लोेगों को रोजगार देना होता है । तो फिर शिक्षा मन्त्रालय की ए रोजगार छिननेवाली कौन सी नीती है ?

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com