बिहार के नए पुलिस मुखिया विनय कुमार को ‘ईमानदारी का इनाम’
2 years ago
प्रमोद कुमार मिश्र,दिल्ली| इंसान का हुनर उसे बरबस उस रास्ते पर खींच लाती है जहां उसे अपने को बड़ा समझने का एहसास होता है | शायद यही एहसास बिहार के मौजूदा पुलिस मुखिया विनय कुमार को भी हो रहा होगा | इस संवाददाता की याददाश्त के पन्नों को भी सिर्फ उनका हुनर याद है जब उसे कुमार ने कटिहार स्थित अपने सरकारी आवास पर कहा था कि उनके हाथ में जो किताब है वह पुलिस के पावर को परिभाषित करती है, इसलिए वह इसे किसी और को पढ़ने नहीं देंगे | यह घटना उस वक्त की है जब कटिहार के अंतर्गत आने वाला फलका प्रखंड मुख्यालय में पुलिस गोली कांड की घटना घटी थी और कुछ आम लोगों की मौत हो गई थी और कुमार कटिहार के पुलिस अधीक्षक हुआ करते थे | यानि किसी घटना के पश्चात् उसके तपिश को शमन करने और इसे प्रबंधित तरीके से प्रबंधित करने का हुनर बिहार के मौजूदा पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के पास बखूबी मौजूद है | पटना के बेली रोड स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन चीख-पुकार के साथ कह रहा है कि अपने आप में हुनर आत्मशात करो और उसके अनुसार मैं कुर्सी देने के लिए मैं तैयार बैठा हूं |
विनय कुमार को लेकर एक कथा कटिहार में प्रचलित है, साल 1999 की बात है जब इस संवाददाता को एक अंग्रेजी अखबार के पटना एडिशन के लिए काम करने को लेकर कटिहार भेजा गया था, वहां उस वक्त एक ही घटना खबर के बाजार में दौड़ रही थी और वह थी कटिहार जूट मिल का काम एकाएक ठप पड़ जाना | बात यहां तक आ पहुंची कि मिल के कर्मी तनख्वाह के बदले मिल की संपत्तियों पर कब्ज़ा करने लगे थे | बात कटिहार के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तक पहुंची तो साफ कहा था कि वह मिल कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते |
विनय कुमार की प्रकृति व स्वाभाव की टोह लेने जब यह संवाददाता विगत 2 जनवरी को कटिहार पहुंचा तो वहां एक होटल के प्रबंधक से मुखातिब होने पर विनय कुमार की चर्चा हुई तो उसने कुमार की प्रशंसा की झड़ी ही लगा दी कि उन्होंने ये किया, उन्होंने वो किया |
वैशाली जिले के अंतर्गत पड़ने वाले रामपुरैनी गांव के एक शिक्षक रामइक़बाल शुक्ला के इकलौते पुत्र विनय कुमार बचपन से ही मेधावी थे और इसका सबूत उन्होंने तकनीकि शिक्षा के लिए आईआईटी खड़गपुर पहुंचकर दिया |
शांति की खोज में कटिहार का होकर रह जाने वाले कटिहार के स्थानीय पत्रकार प्रोफेसर दिलीप वत्स की अगर मानें तो वह भी विनय कुमार की प्रशंसा को लेकर उदार हैं |
कहना गैरजरुरी है कि वत्स ने कटिहार में कई अख़बारों के लिए काम किया है | वत्स कहते हैं कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं | सरकार को हर सामाजिक तबका को मैसेज देना है और विनय कुमार को पुलिस महानिदेशक बनाकर सरकार ने यह मैसेज दे दिया कि उसकी पसंद ईमानदारी है |
जब कुमार दरभंगा के पुलिस महा-निरीक्षक की हैसियत में थे एक बार इस संवाददाता की बातचीत उनसे किसी मामले को लेकर हुई थी तो उन्होंने कहा था कि उनका काम तो पोस्ट ऑफिस का है | वहीं पुलिस मुख्यालय में पदास्थापित एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का भी कमो बेश यही मानना है कि पुलिस विभाग में काम तो सिर्फ दो पदों तक सीमित है और ये दोनों पद हैं अधीक्षक और महानिदेशक का | कहना गैरजरुरी है कुमार को सरकार ने अधिकांश समय तक गैर-महत्वपूर्ण कार्यों में ही लगाकर रखा लेकिन कुमार ने पुलिस भवन निर्माण कार्य में भी अपनी दक्षता को प्रदर्शित किया |
यानि इन बधाओं को पार करते हुए अगर कुमार बिहार के पुलिस मुखिया बने हैं तो इसमें उनकी ईमानदारी व हुनर का ही योगदान है |

