प्रधानमंत्री करेंगे आज ग्वार्को फ्लाइओवर का उद्घाटन
काठमांडू, असार ६ – चार वर्षों से प्रतीक्षित ललितपुर स्थित ग्वार्को फ्लाइओवर (ओवरपास) शुक्रवार से संचालन में आने जा रहा है । शुक्रवार दोपहर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा उद्घाटन किए जाने के तुरंत बाद इसे संचालन में लाने का कार्यक्रम तय किया गया है, यह जानकारी भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मंत्रालय के सचिव केशव शर्मा ने दी।
सड़क विभाग के अंतर्गत आने वाले गुणस्तर अनुसंधान तथा विकास केंद्र के अनुसार, ठेकेदार कंपनी ने केंद्र को ओवरपास का सारा कार्य पूरा होने की औपचारिक सूचना देते हुए गत रविवार भी एक पत्र भेजा है । केंद्र ने अब तक ठेकेदार कंपनी को कुल राशि (१७ करोड़ ६ लाख) में से ४६ प्रतिशत भुगतान कर दिया है । शेष राशि संबंधित कागजातों की जांच के बाद कुछ ही दिनों में चुकाने की विभाग की तैयारी है । यह ओवरपास नेपाल में अपनी तरह का पहला प्रयोग है । इससे पहले रिंगरोड खंड के अंदर कलंकी में अंडरपास का प्रयोग किया गया था ।
सचिव शर्मा के अनुसार, आगामी आर्थिक वर्ष २०८२- ८३ में रिंगरोड के भीतर ही सातदोबाटो या एकान्तकुना में से किसी एक स्थान पर एक और नया ओवरपास निर्माण करने के लिए भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय ने कार्यक्रम तय किया है। उन्होंने कहा, “यदि अर्थ मंत्रालय ने संसाधनों की सुनिश्चितता की तो हम वित्तीय वर्ष २०८२-८३ में सातदोबाटो या एकान्तकुना में से किसी एक स्थान पर नया ओवरपास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। संभवतः उसी साल टेंडर भी आह्वान हो जाएगा।”
विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि चूँकि यह ओवरपास नेपाल में अपनी तरह का पहला है, इसलिए काम करते समय कुछ समस्याएं आईं । ठेकेदार कंपनी ‘आशिष समानान्तर रेलिगेट’ ने बृहस्पतिवार तक ओवरपास पर वाहनों के चलने लायक सभी कार्य – जैसे ट्रैफिक लाइट, रंग–रोगन, सड़क चिह्न, जल निकासी आदि – पूरे कर लिए हैं। इस ओवरपास की लंबाई कोटेश्वर की ओर ३२० मीटर तथा सातदोबाटो की ओर १८० मीटर है। इसमें ३५ मीटर लंबा चार लेन का पुल भी निर्मित किया गया है।
गत पुष ९ (दिसंबर के अंत) से इस कंपनी ने प्रतिदिन ८५ हजार रुपए हर्जाना देकर कार्य करना शुरू किया था। पुष ८ तक कार्य पूरा करने की अंतिम समयसीमा तय की गई थी। समयसीमा तक काम पूरा न होने के कारण कंपनी को प्रतिदिन ०.०५ प्रतिशत की दर से हर्जाना देना पड़ा। प्रतिदिन हर्जाना देना शुरू होने के बाद कंपनी ने कार्य में तेजी लाई, ऐसा परियोजना से जुड़े कर्मचारियों का मानना है।
जब विभाग द्वारा ठेकेदार कंपनी पर प्रतिदिन ८५ हजार रूपए का हर्जाना लगाया जा रहा था, उसी समय सरकार ने सार्वजनिक खरीद नियमावली में १४वां संशोधन कर अधूरी निर्माण परियोजनाओं को समयसीमा बढ़ाने का रास्ता खोल दिया। ग्वार्को ओवरपास निर्माण के लिए २०७८ फाल्गुन १२ (लगभग फरवरी २०२२) को ठेकेदार कंपनी से अनुबंध किया गया था। इसका अनुबंध १७ करोड़ ६ लाख ८८ हजार रूपए में तय हुआ था।


