कमला नदी को बचाने के लिए आयोजित किया गया जागरुकता अभियान

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । मिथिला में गंगा की तरह पूजनीय नदी कमला नदी को बचाने के लिए रविवार को दरभंगा जिला के धोई घाट स्थित राधा कृष्ण मंदिर के प्रांगण में समाजसेवी योगेंद्र यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी।इस बैठक में कमला बचाव अभियानी बिक्रम यादव ने कहा कि कमला नदी सिन्धुली जिला से निकलकर मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर जिले में बहती है। कमला नदी के पानी से नेपाल के धनुषा,सिरहा जिला तथा बिहार के मधुबनी, दरभंगा जिला में सिंचाई का प्रमुख साधन था।आज विलुप्त की कगार पर है। कमला आस्था का केंद्र है। माता जानकी का मटकोर कमला नदी में हुआ था। मल्लाह समाज की कुल देवी है।इनकी पूजा की जाती है। आज चापा कल गड़ाने के समय कमलेश्वरी मां की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर कमला नदी को नहीं बचाया गया तो नेपाल के धनुषा,सिरहा के तरह ही मधुबनी, दरभंगा जिला की भूमि रेगिस्तान बन जाएगा।
तालाब बचाओ अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी ने कहा कि झंझारपुर से दरभंगा तक 45किलोमीटर दूरी तक कमला के दस धाराएं थी लेकिन बाढ की रोकथाम के दोनो तरफ तटबंध बना दिया गया नौ धाराएं को बंद कर दिया गया। जिससे बाढ, सुखाड़,जल संकट उत्पन्न हो गया है। अधिवक्ता अजित कुमार ने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों को साझा इसके लिए साझा अभियान चलाना होगा। बैठक में संदीप कुमार देहदानी, ओम प्रकाश महतो, देवेन्द्र यादव, छात्र नेता दिलीप कुमार यादव,तासीव नबाब, डॉ. अमर जी कुमार,स्वर्ण प्रताप सिंह, आशुतोष कुमार,रमण कुमार सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किए।


