महेश बस्नेत ने प्रधानमंत्री को दी नसीहत, कहा—राजनीति भावनात्मक पोस्ट से नहीं, काम और परिणाम से चलती है

नेकपा एमाले के सचिव महेश बस्नेत ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को सचेत कराते हुए कहा है कि राजनीति भावनात्मक फेसबुक स्टेटस से नहीं, बल्कि काम और परिणाम से चलती है।
प्रधानमंत्री शाह ने आधी रात को सोशल मीडिया पर ‘सही समय आने में कुछ समय लगता है’ और ‘कभी-कभी अकेले लड़ना पड़ता है’ जैसे संदेश पोस्ट किए थे। इसी के बाद बस्नेत ने यह टिप्पणी की।
इससे पहले प्रधानमंत्री शाह ने कहा था कि सही समय आने में वक्त लगता है और देर भले हो, लेकिन गलत नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नहीं घबराने का आग्रह करते हुए कहा था कि सुनी और देखी गई बातों से वास्तविकता अलग हो सकती है तथा कभी-कभी अकेले संघर्ष करने की स्थिति भी आती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि ऐसी स्थिति उनके लिए पहली बार नहीं है।
प्रधानमंत्री के इस स्टेटस पर प्रतिक्रिया देते हुए एमाले सचिव बस्नेत ने ‘दुःख पायो मंगले, आफ्नै ढंगले!’ कहते हुए व्यंग्य किया। बस्नेत के अनुसार, बालेन्द्र शाह की पोस्ट को देखकर ऐसा लगता है कि उन पर सत्ता छोड़ने के लिए व्यापक दबाव बढ़ रहा है और उन्हें अपने निर्णयों तथा कार्यशैली को सही साबित करने की मजबूरी महसूस हो रही है।
बस्नेत ने कहा कि राजनीति भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि काम और परिणाम के माध्यम से स्वयं को सही साबित करने का क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान और वास्तविक प्रगति देखना चाहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में प्राप्त जनादेश को भुलाया नहीं जा सकता। जनता ने समर्थन देकर सत्ता तक पहुँचाया है, इसलिए उसके सवालों और आलोचनाओं से भागना उचित नहीं है।
बस्नेत ने कहा कि गलतियों को सुधारने और जनता को जवाब देने का समय यही है। फेसबुक स्टेटस नहीं, बल्कि इतिहास यह तय करेगा कि कौन सही था और कौन गलत।