नेपाल बाढ़ राहत कोष में 36 घंटे में जुटे 1.91 अरब रुपये, मित्र देशों की सहायता अलग
काठमांडू, 12 भाद्र।
नेपाल सरकार द्वारा प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में सहायता की अपील किए जाने के बाद सिर्फ 36 घंटों में 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 50 हजार 911 नेपाली रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है। अर्थ मंत्रालय के अनुसार यह रकम बुधवार दोपहर से गुरुवार रात 12 बजे तक एकत्र हुई।
मंत्रालय के मुताबिक, देश के 10 वाणिज्यिक बैंकों में संचालित राहत कोष के खातों में दानदाताओं ने यह राशि जमा कराई।
बुधवार सुबह नेपाल-चीन सीमा से होकर बहने वाली भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से भारी जनधन की क्षति हुई थी। इसके बाद मंत्रिपरिषद की बैठक ने प्रभावित क्षेत्रों को संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित किया और राहत कोष में सहयोग जुटाने का निर्णय लिया। इसके बाद देशभर से व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा आर्थिक सहयोग आने लगा।
सरकार ने राहत कोष के संचालन और समन्वय के लिए अर्थ मंत्रालय को नोडल (फोकल) मंत्रालय बनाया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की संस्थागत सहायता स्वयं स्वीकार कर रहे हैं, जबकि व्यक्तिगत दानदाता मंत्रालय पहुंचकर नकद सहयोग भी दे सकते हैं।
इस नई सहायता के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष में उपलब्ध कुल राशि बढ़कर 4 अरब 9 करोड़ 11 लाख 60 हजार नेपाली रुपये हो गई है। इससे पहले कोष में 2 अरब 17 करोड़ 25 लाख 9 हजार 759 रुपये की बचत राशि मौजूद थी।
गुरुवार को केवल छह घंटे के भीतर नेपाल के निजी क्षेत्र के दानदाताओं से मंत्रालय के माध्यम से 27 करोड़ 33 लाख रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ।
महत्वपूर्ण: यह 1.91 अरब रुपये केवल नेपाल के भीतर व्यक्तियों, संस्थाओं और निजी क्षेत्र से प्राप्त सहायता है। इसमें भारत, चीन तथा अन्य मित्र देशों द्वारा घोषित या भेजी गई राहत सहायता और आर्थिक सहयोग शामिल नहीं है।

