फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी से टली बड़ी त्रासदी
काठमांडू, 1 ऑक्टोबर। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में एक भारतीय नागरिक और विमान के कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल होने और बेहोश होने से ठीक पहले, उन्होंने अपनी सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया, जिससे विमान में सवार 174 लोगों की जान बच गई। इस पूरी घटना का क्रमबद्ध विवरण इस प्रकार है:
घटना और यात्रियों की गवाही
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सूझबूझ से खोला दरवाज़ा: इसराइली यात्री यानिव हयून ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को बताया कि कैप्टन मच्छर ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया था। हालांकि बेहोश होने के बाद वह दरवाज़े के इतने क़रीब गिर गए थे कि उसे बाहर से पूरा खोलना मुश्किल हो रहा था।
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यात्रियों का सहयोग: असाफ रेगाविम नाम के एक अन्य यात्री ने केबिन के अंदर से इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और हमलावर पायलट (या व्यक्ति) को काबू करने में क्रू की मदद की।
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
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बहादुरी की सराहना: नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कैप्टन मच्छर की बहादुरी की जमकर तारीफ़ की।
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त्रासदी से बचाव: उन्होंने लिखा, “गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोला। इससे यात्री और क्रू मेंबर हमलावर पर काबू पा सके और हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई।”
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174 जानें बचाईं: नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि कैप्टन के इस साहसी कदम से इसराइली और अन्य देशों के नागरिकों समेत कुल 174 लोगों की जान बची।
पायलट ने तकनीकी रूप से दरवाज़ा कैसे खोला?
सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित की सूझबूझ की काफ़ी चर्चा हो रही है। एक्स (X) पर एक पायलट की पत्नी (ईरानी महिला) ने एक अहम तकनीकी जानकारी साझा की:
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कॉकपिट में अंदर से दरवाज़ा अनलॉक करने के लिए एक विशेष स्विच होता है।
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यह पूरी संभावना है कि कैप्टन स्मित ने बेहोश होने से पहले न केवल मदद के लिए आवाज़ लगाई, बल्कि अपनी अंतिम चेतना में उस स्विच को भी दबा दिया था। इसी वजह से फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री समय रहते कॉकपिट के अंदर प्रवेश कर सके और हमलावर को पकड़ सके।बीबीसी हिंदी से साभार


