डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक पद के लिए नेपाल से डॉ. संगीता कौशल मिश्रा को उम्मीदवार बनाने की तैयारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्रीय निदेशक पद के लिए नेपाल ने अपनी उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। गत 9 सितंबर को साइमा वाजेद के इस्तीफा देने के बाद यह पद रिक्त है।
स्वास्थ्य तथा खाद्य स्वच्छता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सरकार ने मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव डॉ. संगीता कौशल मिश्रा को नेपाल की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संस्था ने नेतृत्व चयन की प्रक्रिया के बारे में अभी तक आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है। ब्रिटिश समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डब्ल्यूएचओ आगामी 12 अक्टूबर को उम्मीदवारों के नामांकन के लिए आह्वान कर सकता है। दिसंबर में उम्मीदवारों की आवश्यक जांच पूरी करने के बाद 24 जनवरी को चुनाव कराए जाने की तैयारी है।
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के अलावा भूटान, मालदीव और श्रीलंका भी इस पद के लिए उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र में 11 सदस्य देश हैं, लेकिन मतदान में केवल 10 देश ही भाग ले सकेंगे। वर्ष 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण म्यांमार मतदान नहीं कर सकेगा।
नेपाल, भूटान, उत्तर कोरिया, भारत, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड और तिमोर-लेस्ते सहित क्षेत्र के सदस्य देश चुनाव प्रक्रिया में शामिल होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “यह एक भू-राजनीतिक मुद्दा है और जिसे भारत का समर्थन प्राप्त होगा, उसके जीतने की संभावना अधिक होगी। इस बार हमें उम्मीद है कि भारत नेपाल का समर्थन करेगा।”
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह भी डॉ. मिश्रा के पक्ष में हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “इसका परिणाम नेपाल की कूटनीति और सदस्य देशों को अपने पक्ष में लाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। प्रधानमंत्री के प्रति अंतरराष्ट्रीय सद्भावना के कारण हमें आवश्यक मत हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।”
इससे पहले सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान डॉ. मिश्रा को स्वास्थ्य मंत्री बनाने का प्रस्ताव किया गया था। उनके नाम को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति कार्यालय भी भेजा गया था। हालांकि, अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में उनके खिलाफ मामला दर्ज होने और जांच चलने की जानकारी मिलने के बाद कार्की सरकार ने उन्हें मंत्री नियुक्त करने के निर्णय से पीछे हट गई थी। विशेष अदालत ने गत 1 जून को उन्हें मामले में सफाई दे दी थी।
2023 में भी नेपाल ने किया था प्रयास
नेपाल ने इससे पहले वर्ष 2023 में हुए डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्रीय निदेशक के चुनाव में भी उम्मीदवार उतारा था। उस चुनाव में बांग्लादेश की साइमा वाजेद को 8 मत मिले थे, जबकि नेपाल के डॉ. शम्भु आचार्य को केवल 2 मत प्राप्त हुए थे।
डॉ. आचार्य वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उस समय वह डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के जेनेवा स्थित कार्यालय में ‘कंट्री स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट’ के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संस्था में उनका लगभग तीन दशक का अनुभव है।
उस समय नेपाल के चुनाव अभियान को लेकर देश के भीतर भी आलोचना हुई थी। कुछ विश्लेषकों ने तत्कालीन सरकार पर डॉ. आचार्य के पक्ष में पर्याप्त कूटनीतिक लॉबिंग नहीं करने का आरोप लगाया था। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया था।
साइमा वाजेद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की बेटी हैं। उन्हें डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र का नेतृत्व दिलाने के लिए चुनाव को प्रभावित करने में पद और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप भी शेख हसीना पर लगाया गया था। हालांकि, वाजेद इन आरोपों से इनकार करती रही हैं।
वाजेद ने फरवरी 2024 में क्षेत्रीय निदेशक का कार्यभार संभाला था। इसके कुछ ही महीनों बाद अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन के कारण शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा। इसके बाद से हसीना भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही साइमा वाजेद को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के भ्रष्टाचार-विरोधी आयोग ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद डब्ल्यूएचओ ने उन्हें प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया था।
8 सितंबर को डब्ल्यूएचओ की एक समिति ने उनके पद से बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। इसके अगले ही दिन, 9 सितंबर को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, वाजेद ने अपने खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से लगातार इनकार किया है।


