नेपाली कांग्रेस के 15 पदाधिकारियों के परिणाम घोषित, गगन थापा सभापति निर्वाचित
काठमांडू, 15 ऑक्टोबर। नेपाली कांग्रेस के आगामी चार वर्षीय कार्यकाल के लिए 15 पदाधिकारियों के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। इनमें दो पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि 13 पदाधिकारियों का चयन चुनावी प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हुआ।
वरिष्ठ उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा और महिला उपसभापति पुष्पा भुसाल निर्विरोध निर्वाचित हुईं। वहीं, सभापति गगन थापा सहित अन्य पदाधिकारियों का चयन चुनाव के माध्यम से हुआ।
सभापति पद पर गगन थापा की जीत
सभापति पद के चुनाव में गगन थापा ने श्यामकृष्ण खड्की को पराजित कर जीत हासिल की। थापा को 6,584 मत मिले, जबकि खड्की को 375 मत प्राप्त हुए।
खुले उपसभापति पद के लिए सात उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें डॉ. चंद्रकांत भंडारी और इंजीनियर मधु आचार्य निर्वाचित हुए। इस पद के लिए गोविंद भट्टराई, सुरेंद्रराज पांडे, धनराज गुरुङ, दीपक गिरी और प्रो. डॉ. चंद्रमोहन यादव भी प्रतिस्पर्धा में थे।
समावेशी उपसभापति पद पर पांच उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में उद्योगपति विनोद चौधरी निर्वाचित हुए। उनके मुकाबले में जीवन परियार, फरमुल्लाह मंसूर, सीता गुरुङ और रञ्जित कर्ण थे।
महामंत्री पद पर प्रदीप पौडेल और उदय शमशेर राणा विजयी
खुले महामंत्री पद के लिए आठ उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई। इसमें प्रदीप पौडेल और उदय शमशेर राणा निर्वाचित हुए। इस पद के अन्य उम्मीदवारों में डॉ. सुनील शर्मा, गुरुराज घिमिरे, नैनसिंह महर, अमरसिंह पुन मगर, शंकर तिवारी और डॉ. संतोष उपाध्याय शामिल थे।
महिला महामंत्री पद पर तीन उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में डॉ. डिला संग्रौला निर्वाचित हुईं। उनकी प्रतिस्पर्धा महालक्ष्मी उपाध्याय (डीना) और रीता खनाल से थी।
छह सहमहामंत्रियों के परिणाम घोषित
विभिन्न 10 समूहों से कुल 11 सहमहामंत्रियों का निर्वाचन होना है। समाचार के अनुसार, अब तक छह सहमहामंत्रियों के परिणाम घोषित किए गए हैं।
सहमहामंत्री (महिला) पद पर प्रतिमा गौतम निर्वाचित हुईं। उन्होंने नानुमैया बास्तोला को पराजित किया।
खुले सहमहामंत्री पद की दो सीटों के लिए नौ उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें सर्वाधिक मत प्राप्त कर रामहरि खतिवड़ा और दूसरे स्थान पर रहे अजयबाबु सिवाकोटी निर्वाचित हुए।
सहमहामंत्री (आदिवासी जनजाति) पद पर बहादुर सिंह लामा (तामाङ) निर्वाचित हुए। इस पद के लिए ओमबहादुर घर्ती मगर, तारामान गुरुङ, दिलमान पाख्रिन और प्रशान्त मान सिंह मास्के भी मैदान में थे।
सहमहामंत्री (दलित) पद पर प्रकाश रसाइली स्नेही निर्वाचित हुए। उन्होंने मानबहादुर नेपाली और नरेंद्र पासवान को पीछे छोड़ा।
सहमहामंत्री (पिछड़ा क्षेत्र) पद पर जीवनबहादुर शाही निर्वाचित हुए। इस पद के लिए जनकराज गिरी, नारायणप्रसाद भट्टराई, राजन कुँवर और रामबहादुर बिष्ट भी प्रतिस्पर्धा में थे।
समाचार में सहमहामंत्री (मुस्लिम), सहमहामंत्री (मधेसी), सहमहामंत्री (थारू), सहमहामंत्री (अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग) तथा सहमहामंत्री (खस-आर्य) के परिणाम घोषित होना बाकी बताया गया है।
विशेष महाधिवेशन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में कुछ ऐसे नेता भी हैं, जिन्होंने पिछले पुस महीने में आयोजित विशेष महाधिवेशन के दौरान अपना राजनीतिक गुट बदला था। कुछ नेता विशेष महाधिवेशन के समय शेरबहादुर देउवा गुट छोड़कर आए थे, जबकि कुछ ने नियमित महाधिवेशन से ठीक पहले देउवा गुट छोड़कर संस्थापन पक्ष का साथ दिया।
विशेष महाधिवेशन के दौरान देउवा गुट छोड़ने वालों में महिला उपसभापति पुष्पा भुसाल, समावेशी उपसभापति विनोद चौधरी, खुले महामंत्री उदय शमशेर राणा, महिला महामंत्री डॉ. डिला संग्रौला और सहमहामंत्री (आदिवासी जनजाति) बहादुर सिंह लामा तामाङ शामिल हैं।
इसी तरह, महाधिवेशन से ठीक पहले देउवा गुट छोड़कर संस्थापन पक्ष में शामिल हुए रामहरि खतिवड़ा ने खुले सहमहामंत्री पद पर और जीवनबहादुर शाही ने पिछड़ा क्षेत्र के सहमहामंत्री पद पर जीत हासिल की।
पुष्पा भुसाल देउवा गुट छोड़कर विशेष महाधिवेशन में शामिल हुई थीं और वहां उपसभापति बनी थीं। समावेशी उपसभापति पद पर पराजित फरमुल्लाह मंसूर ने भी 14वें महाधिवेशन से निर्वाचित सहमहामंत्री का पद छोड़कर विशेष महाधिवेशन में भाग लिया था और उसी पद पर चयनित हुए थे।
इसी प्रकार, वर्तमान में महामंत्री निर्वाचित उदय शमशेर राणा विशेष महाधिवेशन में शामिल होकर सहमहामंत्री बने थे। डॉ. डिला संग्रौला भी देउवा गुट छोड़कर विशेष महाधिवेशन में शामिल हुई थीं और सहमहामंत्री बनी थीं।
नेपाली कांग्रेस के इन चुनाव परिणामों के साथ पार्टी के नए नेतृत्व की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। हालांकि, शेष सहमहामंत्रियों के परिणाम आने के बाद ही सभी पदाधिकारियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।


