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……आखिर महेन्द्र सिंह धौनी ने क्यों छोड़ी कप्तानी ?

 

dhauni

५ ,जनवरी , दिल्ली | आखिर महेन्द्र सिंह धौनी ने क्यों छोड़ी कप्तानी यह चर्चा जोड़ो पर है | महेंद्र सिंह धौनी ने आज एक बार फिर खेल जगत को अपने फैसले से चौका दिया. उन्‍होंने बुधवार देर रात अचानक भारतीय क्रिकेट टीम के सीमित ओवरों के कप्तान का पद छोड़ने का फैसला लिया. इस फैसले के साथ ही कप्तान के रुप में धौनी के बेहतरीन कैरियर का भी सुखद अंत हो गया.भारत की सीमित ओवरों की क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़कर सबको हैरान करने वाले महेंद्र सिंह धौनी संभवत: लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के कारण यह फैसला लेने के लिए बाध्य हुए. धौनी खिलाड़ी के रूप में उपलब्ध रहेंगे लेकिन इंग्लैंड में इस साल होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी इस बात का संकेत हो सकती है कि वह खिलाड़ी के रुप में 2019 विश्व कप तक खेलेंगे या नहीं. भारत को दो विश्व कप दिलाने वाले धौनी इंग्लैंड के खिलाफ 77 दिन बाद प्रतिस्पर्धी मैच खेलेंगे.

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चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने भी हाल में नागपुर में झारखंड के रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल के दौरान धौनी ने लंबी बात की थी जहां निश्चित तौर पर उनके भविष्य को लेकर चर्चा हुई. धौनी की फिटनेस और विकेटकीपिंग पर कोई सवाल नहीं उठा सकता लेकिन पर्याप्त मैच खेलने के लिए नहीं मिलने और विराट कोहली की बेहतरीन फार्म ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी थी.

महेंद्र सिंह धौनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्‍तानों में गिने जाते रहेंगे. धौनी की कप्‍तानी में भारत ने कई अहम टूर्नामेंट में जीत दर्ज की है. भारत ने उनके नेतृत्व में 2007 में आईसीसी टी20 विश्व कप, 2011 में आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप, 2013 में आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफी जीती और 2009 में टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा.

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धौनी ने जिस तरह से वनडे और टी-20 टीम की कप्‍तानी छोड़कर सबको चौकाया है, यह कोई नया नहीं है. इससे पहले भी उन्‍होंने ऐसे कई चौकाने वाले फैसले लिये हैं. धौनी को ऐसे फैसलों के लिए ही जाना जाता है.

मैदान पर धौनी जिस तरह से फैसले लेते रहे हैं वैसे फैसले वो अपने निजी जीवन में भी लेते रहे हैं. धौनी के जीवन पर आधारित फिल्‍म एमएस धौनी : द अनटोल्‍ड स्‍टोरी आपने जरूर देखी होगी. पिता के तमाम विरोध के बाद भी धौनी ने जिस तरह से नौकरी छोड़कर क्रिकेट को अपना लाइफ चुना यह उनके खेल के प्रति दिवानगी को ही दर्शाता है.

धौनी हमेशा से अलग सोच विचार वाले खिलाड़ी रहे हैं. मैदान पर शांत दिखने वाले माही के दिमाग में हमेशा कुछ अलग योजना चलती रहती थी. मैदान पर उनके फैसले चौकाने वाले रहे. कभी-कभी तो उन्‍होंने ऐसा फैसला लिया जिसके बारे में पहले से किसी कोई अंदेशा ही नहीं रहता था और वो कर देते थे. धौनी के इसी अचानक लेने वाले फैसलों के कारण उन्‍हें करिश्‍माई कप्‍तान के रूप में भी जाना जाता रहा है.

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एक बार फिर से मैं आपको उनके जीवन पर बनी फिल्‍म की ओर लेकर जाता हूं. आपको याद होगा जब झारखंड और पंजाब के बीच मैच चलते रहता है और पंजाब टीम के कप्‍तान युवराज सिंह बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाते हैं तो उस समय धौनी ने चौंकाने वाला बयान दिया था और कहा था वो क्रिकेट के मैदान पर नहीं बॉस्‍केटबॉल मैदान पर मैच हारे हैं.

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