Wed. Sep 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जितेन्द्र नारायण देव का परिवार अब तक न्याय की प्रतीक्षा में(देव हत्याकांड प्रकरण)

 

राजविराज, २९ असार ।

तराई–मधेश आन्दोलन के समय बेला ह’ई हत्या की घटना के सत्यतथ्य छानबिन सम्बन्धी उच्चस्तरीय जाँचबुझ आयोग–२०७३ की टोली ने (२१ महिना पहले ह’इ घटना) सप्तरी के जितेन्द्र नारायण देव हत्याकाण्ड के बारे में स्थलगत जानकारी ली है ।
२०७२ असोज ३० गते शनिवार के दिन राजविराज नगरपालिका–६ हाल वडा नम्वर–७ निवासी ३० वर्षीय युवा जितेन्द्र नारायण देव का अपहरण कर चरम यातना देकर पाश्विक हत्या की गई थी । उनका शव २०७२ कार्तिक ३ गते दिन रक्ताम्य और विक्षिप्त अवस्था में सप्तरी के बरही–विरपुर स्थित कोशी नहर में स–शस्त्र प्रहरी के बेस क्याम्प के नजदीक मिला था । उनके दोनों कान कटे हुए थे, सर के बाँयी ओर से गाल तक गम्भीर चोट लगी थी, रीढ की हड्डी टूटी हुई थी ।

यह भी पढें   नेपाल का संविधान एक युगांतकारी परिवर्तन को संस्थागत करने का ऐतिहासिक संकल्प और दस्तावेज है – प्रचण्ड


मृतक देव ने मधेश आन्दोलन में सक्रिय भाग लिया था । मधेश आन्दोलन के अन्तर्गत हए बृहत मानव साङ्गलो लगायत अन्य कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता थी । फेसबुक में काला झण्डायुक्त प्रोफाइल रखकर सामाजिक सञ्जाल मार्फत लिखा करते थे । तराई– मधेश थरुहट क्षेत्र में हुए आन्दोलन में हुई हत्या, हिंसा, तोडफोड, आगजनी लगायत की घटना–दुर्घटना सम्बन्धि छानबिन के लिए सरकार ने सर्वोच्च अदालत के पुर्व बरिष्ठतम् न्यायाधीश गिरिश चन्द्र लाल के नेतृत्व में गठित समिति के सदस्यों की टोली ने शुक्रबार २३ गते जितेन्द्र नारायण देव के शव मिलने वाले स्थान स–शस्त्र प्रहरी के बेस क्याम्प के नजदीक बरही–विरपुर स्थित कोशी नहर के स्थलगत अनुगमन के क्रम में स्थानीय जनसमुदाय के सँग घटना की यथार्थ जानकारी लेकर घटना के विषय में जाँच की है ।

यह भी पढें   कांग्रेस को अब ‘बदली हुई कांग्रेस’के रूप में स्थापित किया जाए – नैनसिंह महर


घटनास्थल का अनुगमन करने के बाद आयोग की टोली मृतक जितेन्द्र नारायण देव के राजविराज स्थित घर पहँुच कर शोकाकुल माता पिता से मुलाकात की और संवेदना प्रकट किया । पीडितों ने आयोग के समक्ष दोषी को कडी सजा दिलाने की माँग की और मृतक को शहीद घोषित कर उचित क्षतिपूर्ति दिलाने की माँग की । आयोग ने उचित निर्णय करने और पीडित परिवार को न्याय दिलाने की सिफारिस करने की बात कही और अध्यक्ष गिरिशचन्द्र लाल ने प्रतिबद्धता व्यक्त की ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com