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मधेश में १०० में से ६१ लाेग निरक्षर : प्रम अाेली

 

सिरहा १८ अप्रैल

चार वर्ष के बाद पहली बार मधेश पहुँचे प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया है कि मधेश में सबसे अधिक विराेध हाेने के बाद भी उनकी पार्टी काे सबसे  अधिक मत मिला है  ।

सिरहा के कल्याणपुर नगरपालिका–११ के दाे दलित बच्चे का अभिभावकत्व ग्रहण करने के लिए अाए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि, ‘सभी मुझे मधेश विराेधी कहते हैं पर मुझे ही मधेश से सबसे अधिक वाेट मिला है ।  जनता के विराेध करने से कुछ नहीं हाेता है ।

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उन्हाेंने वहाँ मधेशी नेताअाें की भी जम कर अालाेचना की । उन्हाेंने कहा कि मधेश के नेता काे राजनीति से अधिक शिक्षा अाैर विकास पर ध्यान देना चाहिए जाे वाे नहीं करते हैं । उन्हाेंने कहा कि जिस जगह के ६१ लाेग भी अक्षर नहीं पहचानते वहाँ के नेता काे जनता कैसे पहचानेंगी ?

उन्हाेंने यह भी कहा कि सिरहा में अनेक प्रकार के  कुसंस्कार हैं जिसकी वजह से सिरहा पिछडा हुअा है जिसे नेता भी नहीं हटा पाए हैं ।  हिमाल के विकट जिला में ९६÷९७ प्रतिशत साक्षर हैं किन्तु मधेश में जहाँ रास्ते अाैर अावागमन की सुविधा है वहाँ १०० लाेग में ६१ लाेग भी साक्षर नहीं हैं । इसका दाेष काैन लेगा ? उन्हाेंने यह भी कहा कि मुझे सभी सिर्फ बात करने वाले लाेग की तरह दुनिया मानती है पर मैं अब काम कर के दिखाउँगा ।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि साेचने वाली बात है कि मधेश में हर ठंड में लाेग मरते हैं जबकि रारा में जाकर २/३ डिग्री सेलसियस में भी किसी के मरने की खबर नहीं अाती है । यह कितनी अजीब बात है ।

 

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