मुसलमानों की सबसे बड़ी उत्सवों में से एक इदउल अजहा (बकरा ईद)धुमधाम के साथ
काठमांडू, २७अक्टूबर। दुनिया भर में मुसलमानों की सबसे बड़ी उत्सवों में से एक इदउल अजहा (बकरा ईद) इस वर्ष शनिवार को चल रहे दशैं के हिंदू त्योहार के साथ मेल खाता नजर आरहा है ।
दशैं के शेष तीन दिनों मे भी इस्लामी त्योहार प्रेम और उदारता का सन्देश लेकर काठमाण्डू के खाली सड़कों पर हलचल बनाये हुये है ।
मुसलमानों की ईद पर अधारित जमघट काठमांडू के घण्टाघर के पास जामिया और कश्मीरी मस्जिदों दो सबसे बड़ा धार्मिक स्थलों के आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को देखने को मिली । इस्लामी हिजरी संवत का जिलहिज्जा महिना के २७ से २९ तारिख अर्थात् आज से तीन दिन तक मनायी जायगी ।
जामिया मस्जिद पास के दुकानदारों सेवई (मिठाई) और ग्रील्ड कबाब बेचने मे व्यस्त थे तथा लोग ईद मुबारक से एक दुसरे को बधाईया दे रहेथे ।प्रत्येक व्क्ति के कोट तथा कपरे से इत्र की ताजा खुशबू आ रही थी ।
नेपाल में लगभग 4 लाख मुसलमान हैं ।”बकरा ईद इस्लाम में ईद – उल – फितर के बाद दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है,” एक कबाब विक्रेता ज़ुबेन अली खान ने कहा ।
यह चार दिवसीय त्योहार महाकाव्योचित चरित्र इब्राहीम के सत्यवादिता और उनकी भगवान के प्रति वफादारी की स्मृति में मनाया जाता है । यह बलिदान और दान का दुसरा नाम भी है, यह पवित्र इस्लामी महीने रमजानके ७० दिन बाद मनाया जाता है ।
यह माना जाता है कि इस दिन पर मक्का मे हज करने वाले मृत्यु के बाद सीधे अल्लाह की स्वर्ग में जगह मिलता है ।
दुनिया भर में लाखों मुसलमानों मक्का में एकत्रित होकर बकरा ईद के अवसर पर प्रार्थना करते हैं ।
यह भी कहा जाता है कि त्योहार के दिन जब पवित्र कुरान पूरा घोषित किया गया था के साथ मेल खाता है ।

