Thu. Oct 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाली जांबाज फौजी के रूप में भारत के कोने-कोने में सेवारत

 

नेपाल में एक क्षेत्र ऐसा भी है, जहां बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक  भारतीय सेना में शामिल होकर भारत की एकता व अखंडता की रक्षा में तन-मन-धन से सेवा दे चुके हैं और आज भी नेपाली जांबाज फौजी के रूप में भारत के कोने कोने में सेवारत हैं। किशनगंज जिला के ठाकुरगंज से सटे नेपाल के झापा जिले के कुछ गांव के नागरिकों में भारत की सेवा और सुरक्षा का जज्बा सालों से बरकरार है।

गत पांच दशकों में तीन सौ से अधिक नेपाली भारतीय फौज में अपना योगदान दे चुके हैं। सेवानिवृत्त होकर भी उनमें से कई अपने देश की नई पीढ़ी को भारतीय फौज में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसमें नेपाल के झापा जिले के भद्रपुर नगरपालिका क्षेत्र के हिमाली, सोमवारी, बनियानी आदि गांवों में ऐसे भारतीय देश भक्त की फौज है। इन्हें गोरखा भारतीय फौजी का गांव भी कहा जाता है। आज भी वहां के जवान भारतीय सेना व विभिन्न अर्धसैनिक बलों में अपना योगदान देकर भारत की सेवा कर रहे हैं।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 30 सितंबर 2026 बुधवार शुभसंवत् 2083

पूर्व प्रधानमंत्री का है संसदीय क्षेत्र::

यह क्षेत्र नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री खड़ग प्रसाद शर्मा ओली का संसदीय क्षेत्र के साथ यहां उनका पैतृक गांव भी है। जिन्हें भारत सरकार के संबंध में अधिक कठोर रुख अपनाने के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद यहां के युवा भारतीय सेना में बड़ी संख्या में अपनी भागीदारी दे रहे हैं। इन गांवों के भूतपूर्व सैनिकों में से कई गोरखा विदेश सेवा पदक, आहत सेवा पदक, दीर्घ सेवा पदक सहित कई पदकों से सुशोभित हुए हैं।

यह भी पढें   नेपाल में भारी बारिश का कहर: बागलुङ में भूस्खलन से 10 लोगों की मौत, तनहुँ में 24 घर क्षतिग्रस्त

1972 से शामिल हो रहे हैं भारतीय फौज में ::

पांच दशकों अर्थात 50 वर्षों से यानी 1972 से ही इन गांवों से भारतीय फौज में आना शुरू किया था। इसमें से 127 एयर डिफेंस के नायक पृथ्वी नारायण थापा ने 1972 में भर्ती हुए और 17 वर्ष देश को सेवाएं दी। उसी तरह बीएसएफ की 138वीं के सूबेदार जसमान राई ने 1971 में सेना में बहाल हो 31 वर्ष एवं एसीपी नायक सूबेदार ने 1990 में भर्ती हो 25 वर्ष सेवाएं दी। सबसे अधिक यहां के लोग 11 गोरखा रेजिमेंट में अपनी सेवाएं दी है। कैप्टन कृष्ण राज प्रधान 1972 में 11 गोरखा रेजिमेंट (जीआर) में भर्ती हो तीस वर्ष देश की सुरक्षा का कमान संभाला। उसी तरह कई ऐसे लोग हैं जो भारतीय सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं और अभी भी दे रहे हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com