Sat. Sep 26th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

मित्रता : मनीषा मारू

 

“स्वयं को दें अच्छे मित्र का तोहफ़ा”

“मित्रता”
मित्रता ये शब्द,
सुनने में होता कर्ण प्रिय।
सांझा होती बातें,
और जुड़ जाता हैं हृदय।

बचपन की मित्रता,
कहलाती लंगोटिया यार।
जवानी की मित्रता,
गले मिल छुपाती हैं प्यार।

ना जाति दिखे,
ना ही दिखे मज़हब।
ना गरीबी दिखे,
ना अमीरी का होता अहम।

बचपन की गलियों में,
कई प्यारे मित्र पीछे छूटे।
अल्हड़ सी जवानी में,
कइयों के दिल मिलकर टूटे।

यह भी पढें   रसुवा की अपर त्रिशूली–1 जलविद्युत परियोजना में बाढ़ से 39 लोगों की मौत, 439 अब भी लापता

अंतर्मन की बात बतलाऊं तो यारों
जीवनसाथी का साथ ही ताउम्र के लिए सच्चा होता।
विश्वास के स्नेह प्रेम से सींच ये रिश्ता और भी पक्का होता।

मित्रता,प्यार जिसे संग मिले जग में सबसे धणी वही इंसान होता।
फिर क्यों ना स्वयं को दें जीवनसाथी के रूप में अच्छे मित्र का तोहफ़ा।

मनीषा मारू
विराटनगर (नेपाल)

मनीषा मारू.
विराटनगर (नेपाल)

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com