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चर्चित संत पायलट बाबा का निधन

 

काठमांडू, भादव ४– भारत में रह रहे चर्चित महायोगी पायलट बाबा का आज मुंबई में निधन हो गया है । पायलट बाबा के नाम से प्रसिद्ध वे मूलतः बिहार के निवासी थे ।
पायलट बाबा रोहतास जिला के नोखा प्रखंड के विशुनपुरा के मूल निवासी थे । वर्ष १९५७ में पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में वे शामिल हुए थे । पायलट बाबा ने १९६२ में भारत–चीन युद्ध में भाग लिया था । इसके अलावे उन्होंने भारत–पाकिस्तान के युद्ध में भी लड़ाई लड़ी थी । भारतीय वायु सेना में अपनी सेवा के दौरान उन्हें कई पदक से सम्मानित भी किया था । उनका असली नाम कपिल सिंह था । पिछले कुछ दिनों से वो बीमार थे और ८६ वर्ष की उम्र में मंगलवार को मुबंई के कोकिला बेन धीरु भाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया ।
निधन की खबर मिलते ही सासाराम सहित पूरे जिले में उनके भक्तों के बीच शोक की लहर दौड़ पड़ी । पायलाट बाबा आश्रम के शिष्य एवं कार्यकर्ता शोकाकुल हो गए । उनके शिष्य न केवल भारत में वरन नेपाल में भी बहुत से लोगों ने उनसे गुरुमंत्र लिया था ।
जैसा की पायलट नाम से ही पता चलता है कि वो पायलट रहे होंगे । तो पायलट से बाबा बनने तक की यात्रा को लेकर कहा गया कि वायु सेना में काम करने के दौरान एक घटना ने कपिल सिंह को पायलट बाबा बना दिया । वे मिग विमान उड़ा रहे थे इस दौरान उनका विमान नियंत्रण खो बैठा । जीवित रहने की सारी उम्मीद खोने के बाद उन्होंने अपने गुरु हरि बाबा को याद करना शुरू किया । इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से उतर गया । तभी से उनका ध्यान आध्यात्म की तरफ मुड़ गया । और साधना के बाद वो पायलट बाबा बन गए । हरिद्वार, नैनीताल व उत्तर काशी में भी उनके आश्रम हैं।

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पायलट बाबा के नेपाल में भी हजारों शिष्य हैं । उनकी एक शिष्या मनीषा मिश्रा का कहना है कि गुरु प्राणवायु हैं।। वो हमारे साथ हमारे अंदर हैं और चिरपर्यंत रहेंगे।। वो दिव्य आत्मज्योति हैं।। ????????????

कल एयर एम्बुलेंस से उन्हें देहरादून लाया जायेगा फिर उन्हें हरिद्वार में लाकर महा समाधि का काम किया जाएगा । उनके निधन पर विश्व भर से उनके शिष्य हरिद्वार आ रहें है । यह जानकारी नेपाल में उनके शिष्य तथा बाबा के आश्रम प्रमुख व संचालक डॉ अनिल कुमार मिश्र ने दी है ।

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उनके निधन पर हिमालिनी परिवार हार्दिक संवेदना प्रगट करती है ।

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